अब इकोफ्रेंडली सॉफ्टवेयर

ग्रीन होने की चाहत में, टेक्नोलॉजी उद्योग ने अब तक मुख्य रूप से बड़े निशानों पर फोकस किया है, जैसे- कार्पोरेशन्स और खासकर कंप्यूटर डाटा सेंटर्स, इंटरनेट इकनॉमी के पावरहंगरी कंप्यूटिंग रूम्स। इसके बाद आते हैं दुनियाभर के घरों में लाखों-करोड़ों डेस्कटॉप और लैपटॉप पर्सनल कंप्यूटर्स।

माइाोसॉफ्ट, गैर मुनाफे वाली “क्लाइमेट सेवर्स कंप्यूटिंग इनिशियेटिव और वर्डीम’ नामक एक नयी कंपनी ने मिलकर इस बात पर फोकस किया है कि पी.सी. में जो ऊर्जा बचाने के अवसर हैं, उनका फायदा कैसे उठाया जाये। ऊर्जा बचाने के लिए यह कंपनियां कंज्यूमरों को मुफ्त ऊर्जा बचाने वाला सॉफ्टवेयर टूल वितरित कर रही हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस सॉफ्टवेयर में पैसे और प्रदूषण बचाने की जबरदस्त संभावनाएं हैं, जब दुनियाभर में इस्तेमाल होने वाले लगभग एक बिलियन पी.सी. को मद्देनजर रखा जाये। शोध संस्था गार्टन का अनुमान है कि आई.टी. क्षेत्र के कारण जो कार्बनडाइ ऑक्साइड का उत्पादन होता है, उसका 40 प्रतिशत पी.सी. की वजह से, 23 प्रतिशत डाटा सेंटर कंप्यूटर्स और बाकी पिं्रटर्स और टेलीकम्युनिकेशन्स इक्विपमेंट की वजह से है।

“”अगर आपको क्लाईमेट चेंज का सामना करना है और ऊर्जा के इस्तेमाल को नियंत्रित करना है तो आपको पी.सी. जैसे कंज्यूमर यंत्रों को भी ध्यान में रखना होगा।” ऐसा ए. फनारा का कहना है, जो एन्वायरमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी एनर्जी स्टार प्रोग्राम में प्रोडक्ट डेवलपमेंट विशेषज्ञ हैं। यह कंपनी ऊर्जा बचाने वाले प्रोडक्ट्स और तरीकों को बढ़ावा देती है।

पिछले एक दशक के दौरान, फैडरल एनर्जी स्टार प्रोग्राम ने पी.सी. के लिए वॉलेंटी पॉवर मैनेजमेंट स्टैंडड्र्स विकसित किये हैं और इंटेल एनर्जी व माइाोसॉफ्ट जैसे सप्लायरों ने अपने चिप्स और सॉफ्टवेयर की ऊर्जा कम खपत करने की क्षमता बढ़ायी है। लेकिन फनारा का अनुमान है कि आधे से कम पी.सी. ही इन स्टैंडड्र्स पर खरे उतरते हैं, क्योंकि कम ऊर्जा खपाने वाले हार्डवेयर से पी.सी. का प्रोडक्शन कास्ट बढ़ जाता है।

एडिसन नामक मुफ्त सॉफ्टवेयर कंज्यूमर वर्जन है पी.सी. एनर्जी-सेविंग सॉफ्टवेयर का, जो वर्डीम कार्पोरेट ग्राहकों को बेच रही थी।

शैट्टल स्थित वर्डीम में 180 कार्पोरेट और सरकारी ग्राहक हैं, जिसमें हेवलिटपैकर्ड भी शामिल हैं, जो कार्पोरेशंस को बेचे जाने वाले अपने डेस्कटॉप पी.सी. पर वर्डीम का सर्वेयर प्रोग्राम डालती है। हालांकि पेल्स आंकड़े बताना नहीं चाहते। लेकिन कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव केविन कल्स्टनर कहते हैं कि रेवन्यू तीन गुना हो जायेगा, इस साल।

पी.सी. की पॉवर कंजक्शन की गणना और प्रबंधन के अन्य मुफ्त टूल भी उपलब्ध हैं, जैसे- ईपीए का ईजैड विजार्ड, सीओ 2 सेवर और गूगल का एनर्जी सेविंग गैजेट। लेकिन एडिसन यूजर को अधिक सुविधा देता है। खासकर सैटिंग को अपने अनुसार करने की।

अगर यूजर सॉफ्टवेयर को ऐसा सेट करता है कि मशीन “डीप स्लीप’ मोड में चली जाये, तब पी.सी. सामान्य ऊर्जा का सिर्फ 5 प्रतिशत ही खर्च करता है। इस किस्म की ऊर्जा बचत आमतौर से घरों और दफ्तरों में नहीं की जाती। पी.सी. जितनी ऊर्जा खपाता है, उसमें से आधी बेकार जाती है। ऐसा पर्यावरण और औद्योगिक अध्ययनों में कहा गया है। इसलिए ऊर्जा बचाने वाला मुफ्त का यह सॉफ्टवेयर बहुत उपयोगी है।

– आरिज जफर

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