अब टूटेगी रोने-धोने वाली छवि

संजीवनी’, “मिस इंडिया’, “कभी आए न जुदाई’, “भाभी’, “पराया धन’, “नकाब’, “बेचारा बिग बी’, “साथ रहेगा ऑलवेज’, “हरी मिर्च लाल मिर्च’ जैसे धारावाहिकों में अलग-अलग एवं चैलेंजिंग किरदारों को निभाकर खुद को समर्थ अभिनेत्री साबित कर चुकी शिल्पा शिंदे आजकल “जी टीवी’ के धारावाहिक “मायका’ में सोनी के किरदार में ऩजर आ रही हैं। इसी चैनल पर हाल ही में शुरू हुए एवं सोमवार से बृहस्पतिवार की रात 11 बजे प्रसारित होने वाले “वारिस’ में भी गायत्री का लीड रोल कर रही हैं। चूंकि “वारिस ‘ में शिल्पा की रोने-धोने वाली भूमिका नहीं है, सो वे इसे छवि तोड़ने वाली भूमिका भी मानती हैं।

वे कहती हैं, “बिल्कुल अलग किरदार है मेरा “वारिस’ में । इसमें मेरी आँखों से लोगों को एक बार भी आंसू गिरते नहीं दिखेंगे। बेहद खुशगवार किरदार है गायत्री का। घर की बड़ी बहू होने के कारण परिवार में उसकी अच्छी इज्जत एवं मर्यादा है। इस धारावाहिक की कहानी “किचन पॉलिटिक्स’ के इर्द गिर्द नहीं घूमती।

“वारिस’ की कहानी को लेकर भी शिल्पा बेहद रोमांचित हैं और इसे प्रचलित धारावाहिक से बिल्कुल अलग बताती हैं, “वैसे, तो यह एक परिवार के पॉंच सदस्यों की कहानी है और पूरी तरह फैमिली डामा है, लेकिन इसमें अंडरवर्ल्ड की कहानी भी समाहित है। सबसे खास बात यह कि इसके जरिये जहॉं भ्रूण हत्या जैसे अपराधों के खिलाफ आवाज बुलंद की गई है, वहीं यह भी प्रभावी तरीके से दिखाने की कोशिश की गई है कि जमाना भले ही 21वीं सदी में कदम रख चुका हो, लेकिन अधिकार के मामले में हमारे समाज में महिलाओं की स्थिति आज भी पुरातनकालीन है।

धारावाहिक में अपने रोल के बारे में शिल्पा बताती हैं, “इसमें मेरे किरदार का नाम है गायत्री और मैं इसमें शंकर (इकबाल खान) की पत्नी का किरदार निभा रही हूँ। गायत्री को पूरा परिवार तो प्यार करता ही है, पति भी उसे भरपूर प्यार करता है। इसके बावजूद कुछ ऐसे मुद्दे हैं जहॉं पति से उसके विचार मेल नहीं खाते और दोनों में तकरार होती है। चूंकि शंकर अंडरवर्ल्ड से जुड़ा हुआ है, ऐसे में गर्भवती गायत्री अपने बच्चे पर किसी भी रूप में अंडरवर्ल्ड की छाया नहीं पड़ने देना चाहती, जबकि शंकर अपने बच्चे को माफिया डॉन अपने पिता के नक्शेकदम पर चलाना चाहता है। कुल मिलाकर इसमें एक ही साथ घर-बाहर की कहानी साथ- साथ चलती है।’

बताया जाता है कि इसकी कहानी हॉलीवुड फिल्म “गॉड फादर’ एवं बॉलीवुड फिल्म “सरकार राज’ का घालमेल है, लेकिन शिल्पा इसे एक हद तक ही सही मानती हैं, “देखिए, इसकी कहानी का बैकडॉप भले ही “गॉड फादर’ एवं “सरकार राज’ से प्रेरित ऩजर आता हो, लेकिन इसकी कहानी वाकई बिल्कुल अलग है। हमारे हिसाब से किसी कहानी से प्रेरित होना अलग बात है, जबकि उसकी नकल करना अलग बात। मैंने भी फिल्म “सरकार राज’ देखी है और अब “वारिस’ में काम कर रही हूँ लेकिन मुझे दोनों की कहानी में कोई समानता नजर नहीं आई। हॉं, अंडरवर्ल्ड का बैकडॉप दोनों में ़जरूर है और शायद लोग इसी वजह से इसे “गॉडफादर’ एवं “सरकार राज’ से प्रेरित मान रहे हैं। इसमें मेरे साथ इकबाल खान, इंदिरा कृष्णन, आशीश विद्यार्थी जैसे कलाकार हैं।’

पहले “हरी मिर्च लाल मिर्च’ और अब “मायका’ में शिल्पा जो किरदार निभा रही हैं, उन्हें पहले अन्य अभिनेत्रियां निभा रही थीं। इस तरह दोनों ही धारावाहिकों में वे बतौर रिप्लेसिंग आर्टिस्ट शामिल हुई हैं। इसके बावजूद ऐसे रिप्लेसमेंट को वे कतई गलत नहीं मानतीं, “हां, “हरी मिर्च लाल मिर्च’ में रिंकू एवं “मायका’ में सोनी का किरदार पहले अन्य अभिनेत्रियां निभा रही थीं। धारावाहिक से उनके हटने के बाद मुझे इनमें काम करने का ऑफर मिला तो बिना किसी हिचक के मैं इसमें शामिल हो गई। जहॉं तक रिप्लेसमेंट की बात है तो टीवी पर आजकल ऐसा आम हो गया है। वैसे भी इससे कलाकार की िाएटिविटी पर असर नहीं पड़ता, बल्कि मेरा तो मानना है कि एक कलाकार को इसके जरिये खुद को प्रूव करने का बेहतर मौका मिलता है।

वे कहती हैं, “वैसे तो जब तक कोई किरदार मुझे अंदर तक पसंद न आ जाए, मैं उसे स्वीकार ही नहीं करती। “वारिस’ में गायत्री का किरदार मुझे बेहद पसंद आया है क्योंकि इस किरदार में कई शेड्स हैं, यानी एक बहू, एक पत्नी, एक भाभी, गर्भवती औरत जैसे कई रूपों को मुझे पर्दे पर साकार करने का अवसर मिला है। इसके बाद “मायका’ का किरदार भी मुझे पसंद है, क्योंकि इसका सस्पेंस कुछ ज्यादा ही गहरा रहा है। इस धारावाहिक के केंद्र में तीन बहनें हैं, जिनमें से मैं मंझली बहन सोनी का कैरेक्टर प्ले कर रही हूँ। पहले कहानी के केंद्र में बड़ी बहन प्राची थी, जिसकी अब उसकी शादी हो चुकी है और वह ससुराल में रहती है। अब केंद्र में सोनी है। कुल मिलाकर “मायका’ एक युवती की मजबूरियों एवं जीवन जीने की जद्दोजहद की कहानी है।’

 

– शिल्पा शिंदे

 

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