आओ स्कूल चलें

गर्मी हो या सर्दी,

पलभर के लिए न रुकें।

रिंकी, पिंकी, गोलू, मोलू,

सब मिल आगे बढ़ें,

आओ स्कूल चलें…

मन लगाकर खूब पढ़ें,

नेक राह पर चलते रहें हम।

अर्जी ये मालिक से करें,

स्वस्थ रहने के लिए,

कसरत हर रो़ज करें।

आदर करें बड़ों का हम,

गुरुजनों का सम्मान करें।

आओ हम इस सपने का,

हकीकत रूप धरें।

आओ स्कूल चलें…

अपने ज्ञान की ज्योति से,

प्रकाशमान जगत को करें,

हिन्दू बनो न मुसलमां बनो,

बनना है तो इन्सां बनें,

पढ़ने और पढ़ाने को,

सतत् प्रयास करें।

आओ स्कूल चलें…

मन लगाकर खूब पढ़ें…

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