एक सब पीरन में पीर तंवर तपधारी भजन

एक सब पीरन में पीर तंवर तपधारी
तपधारी तवर तप धारी
एक रामा राजकंवार आप अवतारी
एक समय अजमालजी द्वारका आये द्वारका आये
जा बैठा चारन चोर के दर्शन पाये
अजमलजी करी अर्दाश अर्ज सुनलीजो अर्ज सुन लीजो
एक आप सरीका पुत्र हरी मोये दीजो
जा होगा तेरे पुत्र वंश में भारी वंश में यारी
एक रामा राजकवरा आप अवतारी
ईतनी तो सुनकर स्वामी घर को आये घर को आये
कुकू का पगल्म्प पुत्र पाल में पाये
एक लखबिजारो बाल्द भरकर लायो भरकर लायो
करीदोय मिश्री को लुन येद नही पाच्पे
सुन्ता ही दाता कर दी मिश्री सारी मिश्री सारी
एक रामा राज कवार आप अवतारी
चोपड़ से दाव से खेल दोनों भाई दोनों भाई
इतन अर्जी साहुकार की आी
मेरी जहाजलगादी पार करो चतुराई
करके चतुराई जहाज वो पार लगायी
गोरीसम करता जान कहाँ सेआई कहाँ से आी
एक रामा राजकुमार आप अवतारी
स्वामी जो पूछे बात जो भेद नहीं भेद नहीं पाइप
एक दीया स्वामी भेद तेरा जस गाया
रूणेचे राज बसबाय चरण पुजवाय्य चरण पुजवाया
एक आन्धा पांगला लुला दर्शन आया
एक हंसराज केवट तेरो, जस गावे तेरो जस गावे
वो बसे कुचेरे गाँव सदा सुख पावे
तुम करना करना मोरी सहाय भगत हितकारी भगत हितकारी
एक रामा राजकुवार आव अवतारी

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