गुलावला का प्राचीन हनुमान मंदिर

hanuman-mandirनारनौल महेंद्रगढ़ सड़क पर स्थित गॉंव गुलावला में पहाड़ी की चोटी पर बना प्राचीन हनुमान जी का मंदिर लोगों की आस्था और विश्र्वास का केंद्र बना हुआ है। कहते हैं, इस पहाड़ी की चोटी पर पांडवों ने अपने अज्ञातवास के कुछ दिन बिताये थे और हनुमान जी की मूर्ति की स्थापना करके अपनी सफलता की कामना की थी। बाबा बजरंगी की कृपा से पांडवों का अज्ञातवास निर्विघ्न पूरा हुआ। तभी से लेकर आज तक लोग बड़ी श्रद्घा और विश्र्वास के साथ यहां पहाड़ की चोटी पर स्थापित बजरंग बली जी की प्रतिमा की पूजा-अर्चना कर, मन्नतें मांगते हैं।

वर्तमान में इस प्राचीन हनुमान मंदिर को कैलाश आश्रम के नाम से जाना जाता है। इस क्षेत्र के महान संत बाबा खेतानाथ जी ने इस आश्रम को चमकाया। लोगों की श्रद्घा और आस्था का आलम इतना था कि गांव गुलावला के हर घर के सदस्य ने अपने सिर पर पत्थर, बजरी, सीमेंट, पानी और अन्य सामान रखकर एक भव्य आश्रम का निर्माण किया। यह आश्रम पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। चढ़ाई चढ़ कर जब मंदिर में पहुँचते हैं तो थकान का नामोनिशान तक नहीं रहता है। हनुमान जी की प्राचीन मूर्ति के सम्मुख बैठकर आराधना करते हैं तो ऐसा लगता है कि मानो चिरंजीवी हनुमान जी वहीं विरामान हैं। जो भी यहां आकर सच्चे दिल से मन्नत मांगता है, उसकी मुराद अवश्य पूरी होती है। मंदिर में श्री श्री 1008 श्री बाबा खेतानाथ, बाबा शुानाथ जी की विशाल मूर्तियॉं भी लोगों की श्रद्घा का केंद्र हैं। मंदिर की दीवारों पर भगवान शंकर, नृसिंहावतार, हनुमान जी, मां भगवती, राम-दरबार, शिव-परिवार और स्वर्ग-नरक के सुंदर चित्र बने हैं, जो मंदिर की सुंदरता में चार चांद लगाते हैं। दीवारों पर हनुमान चालीसा, गीता सार और चौपाइयां लिखी गई हैं, जो मंदिर के वातावरण को भक्तिमय बनाती हैं।

वर्तमान में आश्रम के धूणे पर बाबा सेवानाथ जी विराजमान हैं। उनके संचालन में प्रतिदिन मंदिर में ज्ञान की धारा बहती रहती है। यहां हर मंगलवार को कीर्तन एवं भंडारा होता है और गुरु पूर्णिमा को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। बैसाख की सप्तमी को बाबा शुानाथ जी की जयंती बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। सावन की शिवरात्रि को विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। कहते हैं कि सावन की शिवरात्रि को ही यहां पांडवों ने हनुमान जी की मूर्ति की स्थापना की थी। इसलिए इस दिन हनुमान जी यहां अवश्य पधारते हैं। हर त्योहार पर मंदिर को सजाया जाता है और भजन-कीर्तन किये जाते हैं।

हनुमान जी का मंदिर लोगों की श्रद्घा और आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां श्रद्घालुओं की भीड़ लगी रहती है। प्रतिदिन सुबह-शाम शंख बजाकर लोगों को आरती के लिए बुलाया जाता है।

– भूपसिंह बल्डोदिया “भारती’

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