घर खरीदना हो तो फौरन खरीद लें…

फिलहाल बाजार की स्थिति अनिश्र्चित है। बहुत से लोग जो घर खरीदना चाहते हैं, वो इसी वजह से फैसला नहीं कर पा रहे हैं। इन सबके पास एक ही प्रश्न है, क्या प्रॉपर्टी अभी खरीद लें या अच्छी डील के लिए कुछ और समय रुकें?

बहरहाल, विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों का कहना है कि प्रॉपर्टी खरीदने के लिए कोई भी समय सही या गलत नहीं होता है। यह बात विशेष रूप से उस स्थिति के लिए बहुत ठीक है, जब आप अपने रहने के लिए घर खरीद रहे हों। ऐसा अकारण नहीं है। दरअसल, कई वजहें हैं, जिनके आधार पर यह कहा जा सकता है कि अगर आप अपने रहने के लिए घर खरीद रहे हैं तो जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी खरीद लें।

सीमित उपलब्ध भूमि

इस सिलसिले में सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कारण यह है कि जिस भी जगह आप घर खरीदना चाहेंगे, वहां भूमि की उपलब्धता सीमित ही होगी। जमीन एक ऐसी चीज है, जिसका आप निर्माण नहीं कर सकते। देश की जनसंख्या हर रोज बढ़ रही है। इसलिए समय के साथ किसी भी प्लॉट को खरीदने वालों की संख्या निरंतर बढ़ती जायेगी। इसलिए प्रॉपर्टी में किसी भी समय निवेश करना अक्लमंदी की ही बात है।

बहुत से अप्रवासी भारतीय हैं, जो भारत में रिहाइशी प्रॉपर्टी की तलाश में हैं। विदेश के निवेशक भी यहीं प्रॉपर्टी खरीदने के चक्कर में लगे हुए हैं। इन कारणों से बाजार में भाव बढ़ जाता है और अच्छी जगह भी कम पड़ जाती है। इसलिए कोई भी रिहाइशी जगह अधिक लंबे समय तक बिना मांग के नहीं रह सकती।

महंगाई का बढ़ना

मकान बनाने के लिए आवश्यक रॉ मैटीरियल का दाम निरंतर बढ़ता जा रहा है। मजदूर से लेकर ईंट तक हर चीज के दाम में इजाफा हुआ है। पिछले 6 माह के दौरान स्टील के दामों में तीस प्रतिशत की वृद्घि हुई है। यह बताने की शायद आपको आवश्यकता नहीं है कि सीमेंट और लेबर के दाम भी रोज के हिसाब से बढ़ते चले जा रहे हैं। इस हिसाब से देखा जाये तो भी यही बात सही लगती है कि आप जितनी जल्दी अपने रहने के लिए मकान खरीद लेंगे, उतना ही आप फायदे में रहेंगे।

जल्द खरीदारी करने वालों के लाभ

अपने सपनों का मकान खरीदने के लिए या बनाने के लिए हर व्यक्ति लोन लेता है। जो लोग जीवन में जल्दी मकान बना या खरीद लेते हैं, उन्हें लोन वापस करने का अधिक समय मिलता है। मसलन, जो व्यक्ति 30 साल की उम्र में मकान खरीदता या बनाता है, उसके पास रिटायरमेंट से पहले उस व्यक्ति की तुलना में लोन अदा करने का अधिक समय होता है, जो 40-45 साल की उम्र में मकान खरीदता या बनाता है। इसके अलावा मकान जल्द बनाने का एक लाभ यह भी है कि जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपके खर्च भी बढ़ जाते हैं। इसलिए अगर बढ़ती हुई जिम्मेदारियों से पहले ही मकान बना लिया जाये तो अच्छा रहता है।

कर रियायतें

सरकार ने हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को गृह-लोन के संदर्भ में ब्याज व मूल पर कर रियायतें प्रदान कर रखी हैं। यह तथ्य भी लोगों को प्रेरित करता है कि वह रिहाइशी प्रॉपर्टियों में देर की बजाय जल्द निवेश करें।

खर्च की सही योजना बनायें

इन हालातों में यह बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है कि घर खरीदने वाले लोग अपने पैसे की ध्यानपूर्वक योजना बनायें। इक्वेटिड मंथली इन्स्टॉलमेंट या ईएमआई को अदा करने के लिए आप अपने बजट को सही तरह से बनायें, क्योंकि ईएमआई में हर माह मोटा कैश जाता है। जरूरत इस बात की है कि अपनी जरूरतों को मद्देनजर रखते हुए शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लांग टर्म बजट बनायें। मसलन, रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की शिक्षा, बच्चों की शादी, ईएमआई अदायगी में उतार-चढ़ाव, रिटायरमेंट के लिए बचत आदि। साथ ही आपको यह बात भी ध्यान में रखनी चाहिए कि कुछ आपात खर्च भी आ सकते हैं, जिनके बारे में आपने सोचा भी न हो। ऐसे समय के लिए पैसों की बचत करना आवश्यक होता है।

यहां यह बताना भी आवश्यक है कि अपने गृह लोन विकल्पों में बैंक, स्टेप-अप और स्टेप डाउन के अनेक विकल्प प्रदान करता है। आपकी जरूरतों को मद्देनजर रखते हुए, वह ईएमआई की राशि निर्धारित करता है। गृह-लोन लेते समय आप इन विकल्पों को भी विशेष रूप से देखें।

-प्रवेश कुमार सिंह

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