चक दे में किशोरों की बारी

नाइन एक्स के बच्चों के नाच-गाने के शो चक दे का सीजन पूरी तरह थमा भी नहीं कि वह अपने दूसरे सीजन को लेकर मैदान में है। इस बार वह अपने इस नाच-गाने के शो में पंद्रह से पचीस साल के ऐसे युवाओं को मौका दे रहा है, जो केवल बड़े शहरों से संबंध रखते हैं। लेकिन ये ऐसे युवा भी हैं जो शहर की गलियों में बड़े हुए हैं। अब भला यह कैसा खेल है भाई? शो के कर्ताधर्ता गजेंद्र सिंह कहते हैं, “दरअसल यह ऐसे युवाओं का शो है जो शहर में रहते हुए भी उपेक्षित रहते हैं, लेकिन वे किसी प्रतिभा के मोहताज नहीं है।’ इस शो को शहर दी कुड़ियां ते गली दे मुंडे नाम दिया गया है।

नए सीजन वाला नाइन एक्स

अगर बाजार में जमे रहना है तो नया तो करना ही पड़ेगा और इस मामले में महाभारत से लेकर अपने नए शोज के बारे में बेहतर नाइन एक्स से भला ज्यादा कौन कर सकता है? नाइन एक्स ने अब अपने जिया जले, रिमोट कंटोल और मेरे अपने जैसे लोकप्रिय शोज को न केवल सीमित समय में उनके परिणाम तक पहुंचा कर बंद कर दिया है, बल्कि उनके दूसरे सीजंस लाने की तैयारी भी कर रहा है। कहा जा रहा है कि चैनल अब अपने यहां सालों तक चलने वाले एकता टाइप शोज की पैरवी भी नहीं करना चाहता। चैनल की इंद्राणी मुखर्जी कहती हैं, “लोग यदि नया चाहते हैं तो हम उन्हें दूसरे नए शोज और नए कंसेप्ट वाले शोज ही देना चाहते हैं, लंबे शोज नहीं।’

जस्सूबेन हो गयी सौ की

खबर है कि जस्सूबेन अब सौ की हो गयी हैं। माने? माने यह कि एनडीटीवी इमैजिन पर चल रहे जेडी और आतिश कापाड़िया के शो जस्सूबेन जोशी की ज्वायंट फैमिली के सौ एपिसोड पूरे ही नहीं हो गए हैं, बल्कि वह चैनल का सबसे लोकप्रिय शो भी बन गया है। यह भी खबर है कि चैनल अब ऐसे ही दो और शो मैदान में ला रहा है, जो कामेडी और पारिवारिक संबंधों की नयी केमिस्टी को दिखाते हैं।

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