नखरो छोड दे रे जोगीडा, असल फकीरी धार भजन

नखरो छोड दे रे जोगीडा, असल फकीरी धार ।
असल फकीरी धार, असल फकीरी धार, नखरो छोड दे रेजोगीडा
असल फकीरी धार॥ टेर ॥
बडले हिन्डो घालीयो रे जोगीडा, हर कोई झूलन जाय।
ले ले हिन्डोलो हरी नाम रो रे जोगीडा भव जग उतरे पार॥ 1 ॥
नहाया धोया सुं हरी ना मिलेरे जोगीडा, हर कोई लेवे नहाय।
जल में रेवे माछलों रे जोगीडा, किसो अमरापुर जाय॥ 2 ॥
मुंड मुंडाया हरी ना मिले रे जोगीडा, हर कोई लेवे मुंडाय।
धोला मुंडा री गाडूली रे जोगीडा, किसो अमरापुर जाय॥ 3 ॥
जट्टा बढाया हरी ना मिले रे जोगीडा, हर कोई लेवे बढाय।
जट्टा बढा रे रीछडो रे जोगीडा, किसो अमरापुर जाय॥ 4 ॥
राख लगाया हरी ना मिल रे जोगीडा, हर कोई लेवे लगाय।
नित को गदेडो लूटे राख में रे जोगीडा, किसो अमरापुर जाय॥ 5 ॥
म्हाते गुरां ऐसा मिलीया रे जोगीडा, मिलीया नाथ गुलाब।
गुरु चरणा में विनती रे जोडीगा, गावे भवानी नाथ॥ 6 ॥

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