पंचरतनी दाल

panchratna-dalसामग्री:

5 दालें (प्रत्येक 1/4 कप)- साबुत मूंग, साबुत मसूर, साबुत उड़द, चना दाल, अरहर दाल, 2 टेबलस्पून घी, शाहजीरा, बारीक कटा हुआ प्याज, 2 टीस्पून धनिया पाउडर, 1/2 टीस्पून लाल मिर्च पाउडर, 1/2 टीस्पून हल्दी, स्वादानुसार नमक।

तड़का लगाने के लिए – 4 टेबलस्पून सफेद मक्खन, 4-5 ोंच बीन्स बारीक कटी हुई, टमाटर बारीक कटा हुआ, 1/2 कप फेंटा हुआ दही, 1/2 टीस्पून गरम मसाला, 1 बड़ी इलायची के दाने (कुटे हुए), 1/2 टीस्पून लाल मिर्च पाउडर, 1/4 कप कटा हुआ हरा धनिया, 1-2 हरी मिर्च कटी हुई।

 

विधि :

दालों को धोकर दो घंटे के लिए भिगो दें। एक भारी तले वाले बर्तन में घी डालकर गर्म करें। फिर जीरा डालकर धीमी आँच पर चटकाएँ। प्याज डालकर हलका भूरा होने तक भूनें। दालों का पानी निकाल कर बर्तन में डालें, फिर प्याज के साथ 4-5 मिनट तक धीमी आँच पर भूनें। दालों में पानी डालकर उबाल दें। आँच धीमी करके पकने दें। धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी और नमक डालकर मिलाएँ। ढककर धीमी आँच में आधा घंटा अच्छी तरह पकाएँ।

तड़का लगाने के लिए एक कड़ाही में मक्खन डालकर पिघलाएँ। फिर बीन्स, टमाटर, दही और गरम मसाला डालकर मध्यम आँच में अच्छी तरह भूनें- जब तक कि चिकनाई किनारे न दिखने लगे। अब दरदरी की हुई बड़ी इलायची डालकर कुछ सेकेंड चलाएँ। फिर लाल मिर्च पाउडर मिलाएँ। इस मिश्रण को पकी हुई दाल में डालकर तड़का लगाएँ और 2-3 मिनट के लिए ढक दें। ऊपर से मक्खन और हरी मिर्च डालकर सजाएँ और गरमागरम सर्व करें।

One Response to "पंचरतनी दाल"

  1. Mukesh Jain   November 24, 2015 at 7:36 pm

    I am a resident of Lalapet Aryanagar Colony in Hyderabad. Daily on the ocassion marriges are going on every night in nafees function Hall in front of my house
    Because of the noise from those loud speakers & Bands people are unable to sleep at night, especially the children and elderly people here.
    all night between 10 pm to 1am, disturbing everyone.
    In this function hall back side there are big ventilation of 30 square feet .we want this ventilation to be closed so there will be no sound in back lane of residitional houses ..we call lallaguda police station at 11.30 pm to stop but it takes hours to stop sound pollution ..even after calling 100 also ..

    This is a humble request from all of us here. We do really hope to sleep peacefully atleast in nights.

    Thanking you,
    Mukesh jain

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