फैशन में भले न हो पर आज भी खरी है सिर की मालिश

tel-malishसिर जो तेरा चकराये या दिल डूबा जाये/आजा प्यारे, पास हमारे, काहे घबराये। यह फिल्म प्यासा का गाना है, जिसे पर्दे पर जॉनी वॉकर ने गाया था। फिल्म में उनकी भूमिका सिर की तेल मालिश करने वाले की थी। जिस दौर में यह फिल्म आयी थी, उस समय हर छोटे-बड़े शहर में प्रोफेशनल तेल मालिश करने वाले सड़कों पर आसानी से दिखायी दे जाते थे। अब स्पा और आधुनिक सैलूनों के दौर में यह प्रोफेशन ही तकरीबन लुप्त हो गया है। लेकिन इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता कि अनेक फायदों के लिए सिर की मालिश कराने या खुद करने का महत्व आज भी है।

सेहत अच्छी होगी तो बाल भी स्वस्थ और चमकदार रहेंगे। सिर पर अच्छे बालों के लिए यह जरूरी है कि खून का दौरा जिस्म में सही रहे। हृदय रोगियों को रक्तचाप दुरूस्त करने के लिए जो दवाएं दी जाती हैं, उनसे अगर रोगी गंजा है तो उसके सिर पर अक्सर बाल भी आ जाते हैं यानी खून का दौरा सही रहेगा तो सिर के बाल भी स्वस्थ रहेंगे। सिर की मालिश से यही काम होता है। सिर की नियमित मालिश करने से रक्त संचार प्रेरित होता है, जिससे हेयर फोलिकल्स को फीड करने में मदद मिलती है। नतीजतन, बाल कम झड़ते हैं और स्वस्थ बालों का प्राकृतिक विकास फिर से शुरू हो जाता है। इसके अलावा मालिश से आराम व ठंडक भी मिलती है और व्यक्ति रिलैक्स हो जाता है। कुछ का तो यहां तक कहना है कि इससे तनाव व डिप्रेशन दूर करने में भी मदद मिलती है। सिर दर्द और माइग्रेन में राहत हासिल करने के लिए भी मालिश अच्छा तरीका है।

लेकिन सिर की मालिश सही तरह से की जानी चाहिए। अपने सिर की ओर खून के दौरे को बढ़ाने के लिए सिर की त्वचा का मसाज अंगुलियों से कीजिए, न कि नाखूनों से। मसाज रोजाना करें। त्वचा की मसाज करने से पौष्टिक तत्व हेयर पैपिले के कैपिलैरी वैसल्स तक पहुंच जाते हैं और इस तरह बालों की कोशिकाएं सिाय हो जाती हैं। बहुत से हेयर स्टाइलिस्ट बालों को शैंपू करते समय स्कैल्प को भी मसाज कर देते हैं। अब सिर को मसाज करने का सही तरीका यह है-

  • माथे पर जहां से बाल शुरू होते हैं, वहां से शुरूआत करें और सिर के आगे, साइड में और पीछे जो धमनियां हैं, उनके ऊपर मसाज करें, अंगुलियों के सिरों को गोल-गोल घुमाकर।
  • फिर आहिस्ता-आहिस्ता सिर के ऊपर की तरफ बढ़ें, जैसे कि गोल घेरा खींच रहे हों।
  • सिर की मसाज रोजाना सिर्फ दस मिनट तक करें। एक बार सुबह पांच मिनट तक और एक बार दोपहर में पांच मिनट तक।
  • कुछ दिनों तक मसाज करने के बाद इसे छोड़ें नहीं बल्कि इसे अपनी आदत बना लें।
  • बालों को शैंपू करते समय भी आप अपने सिर की मालिश कर सकते हैं।
  • बहुत से हेयर स्टाइलिस्ट कहते हैं कि ब्रशिंग की एकमात्र भूमिका बालों को संवारने और स्टाइल करने तक ही है। अत्यधिक ब्रशिंग करने से आपके बाल खराब हो सकते हैं, क्योंकि इससे हेयर क्युटिकल्स खुरच जाते हैं।
  • लकड़ी के कंघों, जिनमें प्राकृतिक या बोअर्स हैड ब्रिस्टल्स हों, वह बालों पर आसान होते हैं।
  • प्राकृतिक ब्रिस्टल्स से हल्का मसाज भी मिल जाता है और हेयर शाफ्ट को मुलायम फिनिश भी।

 

– नीलोफर

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