बजरंगी भाईजान: ईद की मिठास बढ़ाएगी दिलों को जोड़ने वाली कहानी

bajrangi-bhaijaanआखिरकार लंबे अरसे के बाद सलमान खान की वह फिल्म आई है जिसमें एक मुकम्मल कहानी है-जज्बात से भरी और सोद्देश्य। यह भारत-पाकिस्तान के बीच दोस्ती का संदेश देनेवाली भी है। दोनों देशों के अवाम के बीच भावनात्मक कड़ी को जोड़नेवाली। एक ऐसी फिल्म जिसमें हंसना भी है और रोना भी। जिसमें बजरंगबली हनुमान का जयकारा भी है और मौला की याद भी।

‘बजरंगी भाईजान’ दिलों को जोड़नेवाली है और नफरत को नकारनेवाली। एक ऐसे समय पर भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत और तनाव की साथ-साथ चलनेवाली पटकथा फिर से दोहराई जा रही है। निर्देशक कबीर खान ने ऐसी फिल्म बनाई है जो सरहद के दोनों तरफ सुलगने वाली लपटों को शायद ठंडा करेगी। शायद, क्योंकि फिल्मी कहानी हकीकत में अक्सर नहीं बदलती।

सलमान खान ने बजरंग बली के भक्त पवन चतुर्वेदी नाम के ऐसे नौजवान की भूमिका निभाई है जो पढ़ाई में सिफर है लेकिन दिल का सच्चा है। और इसी पवन से अकस्मात ही टकरा जाती है पाकिस्तान (दरअसल पाक अधिकृत कश्मीर से) से भारत आई छोटी बच्ची शाहिदा (हर्षाली मल्होत्रा), जो अपने परिवार से बिछुड़ गई है। शाहिदा बोल नहीं पाती। सिर्फ आंखों और चेहरे से अपनी बात कहती है।

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