मैनेजर बनना चाहती थी मंदिरा

मंदिरा बेदी की मानें तो बैंक मैनेजर से सम्मानजनक नौकरी कोई नहीं होती है। मेरे परिवार के कई लोग कॉर्पोरेट की दुनिया में काम करते हैं, इसलिए वहॉं जाना मेरे लिए बहुत आसान था। मगर जल्द ही में समझ गयी कि उतनी अक्ल मेरी नहीं है। कई जगह कोशिश करने के बावजूद बैंक की नौकरी में मेरा कुछ नहीं हुआ। “शांति’ धारावाहिक में काम करने के बाद ही मंदिरा ने पहली बार महसूस किया कि कैमरे के सामने खड़ा होना ही उनकी एकमात्र सही जगह है। वे बताती हैं, “पर समय आने पर अर्थशास्त्री प्रेम का पूरा उपयोग करते हुए अपनी एक फर्म खोल दूंगी।

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