राहुल गांधी बोले, छह महीने में 56 इंच का सीना 5.6 इंच का रह जाएगा

rahul-gandhiभूमि विधेयक को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अपने हमले को तेज करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज कहा कि यदि भूमि विधेयक मानसून सत्र के दौरान संसद में आता है तो उनकी पार्टी इसे पारित नहीं होने देगी।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर चुटकी लेते हुए कहा कि किसान छह महीने में उनके 56 इंच के सीने को 5.6 इंच के सीने में बदल कर रख देंगे और एक इंच भी जमीन नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने प्रदेश की वसुंधरा राजे सरकार को भी ‘‘ललित मोदी’’ सरकार कह कर उस पर तंज कसा।

राहुल गांधी ने ललित मोदी के साथ संबंधों को लेकर वसुंधरा राजे सरकार को भी निशाने पर लिया और आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार को पूर्व आईपीएल बास लंदन से रिमोट से चला रहे हैं। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि मोदी सरकार भूमि अधिग्रहण विधेयक पर तीन बार अध्यादेश जारी कर चुकी है लेकिन इसके बावजूद वह संसद में इसे पारित नहीं होने देंगे।

कांग्रेस उपाध्यक्ष की यह टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब सरकार अगले सप्ताह से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में इस विधेयक को लाने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, ‘‘पहली बार एक ऐसी सरकार आयी है जो विपक्ष की मदद कर रही है। जब भी उन्हें अवसर मिलता है, सरकार कांग्रेस की मदद करती है। किसानों के मुद्दे पर वे एक अध्यादेश को तीन बार जारी कर चुके हैं। हम संसद में भूमि विधेयक को पारित नहीं होने देंगे, आप देखना। एक इंच जमीन भी नहीं दी जाएगी।’’

राहुल ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की ‘‘56 इंच का सीना’’ संबंधी टिप्पणी पर चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘ छह महीने में यह 56 इंच का सीना 5.6 इंच का रह जाएगा। और कौन इसे 5.6 इंच का करेगा, कांग्रेस पार्टी यह करेगी, इस देश की जनता, किसान और मजदूर यह करेंगे। आप देखना।’’

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राजे सरकार की तुलना आजादी से पहले की ब्रिटिश सरकार से की जब सरकार का ‘रिमोट’ लंदन में होता था। राहुल गांधी ने कहा, ‘‘जिस प्रकार से उस सरकार का रिमोट लंदन में था उसी प्रकार इस सरकार का रिमोट कंट्रोल भी लंदन में है। वह वहां बटन दबाते हैं और ये (वसुंधरा राजे0 यहां उछलने लगते हैं।’’

मुख्यमंत्री पर काला धन एकत्र करने वाले भगोड़े की मदद करने का आरोप लगाते हुए राहुल ने कहा, ‘‘ एक भगोड़े, एक काला धन एकत्र करने वाले भ्रष्ट व्यक्ति की मदद कर उन्होंने देश का कानून तोड़ा है।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह वसुंधरा सरकार नहीं है बल्कि यह ललित मोदी सरकार है। राजस्थान में हर किसी को पता है कि यह भाजपा सरकार या वसुंधरा सरकार नहीं बल्कि ललित मोदी की सरकार है।’’

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री पर चुनाव पूर्व लोगों से खोखले वादे करने और अब भ्रष्टाचार पर चुप रहने का आरोप लगाया। विदेशों में जमा काले धन को वापस लाकर बैंक खाताधारकों के खाते में 15-15 लाख रुपये जमा कराने की बात करने को लेकर प्रधानमंत्री को आड़े हाथ लेते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘‘वह (ललित मोदी) करोड़ों रुपये लेकर विदेश में बैठा है। उसे वापस लाओ और यहां इस सरकार को हटाकर जनता की सरकार गठित करो।’’

प्रधानमंत्री के ‘‘न खाउंगा और न खाने दूंगा’’ के वादे पर कटाक्ष करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘‘कृपया उस वादे को पूरा करें और ललित मोदी को वापस लाकर राजस्थान में उसकी सरकार को हटाएं।’’

राजस्थान की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान किसानों से चर्चा करने वाले राहुल गांधी ने कहा, ‘‘पहले जमाने में जिन्होंने भारत पर राज किया उन्होंने अपनी शक्तियां लंदन को सौंप रखी थीं। उसी प्रकार, आपकी मुख्यमंत्री ने भी इंग्लैंड में एक अथॉरिटी पर हस्ताक्षर किए और कहा कि मैं एक भगौड़े की मदद करना चाहती हूं लेकिन भारतीय लोगों को पता नहीं लगना चाहिए।

राहुल ने आरोप लगाया, ‘‘ मुख्यमंत्री के तौर पर अपने पहले के कार्यकाल में उन्होंने एक साथ मिलकर कारोबार किया और ललित मोदी ने उनके बेटे के होटल में पैसा निवेश किया जिसके बारे में मुझे बताया गया है कि वह सरकारी संपत्ति है।’’

‘‘लगान’’ फिल्म का जिक्र करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, ‘‘इस फिल्म के चरित्र उन ब्रिटिश अधिकारियों के खिलाफ एकजुट हो जाते हैं जिनके रिमोट कंट्रोल लंदन में हैं। इसी प्रकार, राजे सरकार का रिमोट कंट्रोल लंदन में ललित मोदी के हाथों में है।’’

कांग्रेस नेता ने विभिन्न राज्यों की भाजपा सरकारों पर यह कहते हुए हमला बोला, ‘‘यहां ललित मोदी की सरकार है, मध्य प्रदेश में व्यापमं सरकार है, महाराष्ट्र में यह मुंडे सरकार है और छत्तीसगढ़ में धान सरकार है। और 56 इंच के सीने के साथ प्रधानमंत्री एक शब्द तक नहीं बोल रहे हैं।’’

उन्होंने स्कूलों और अस्पतालों को बंद किए जाने के लिए राजस्थान सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि राजे सरकार द्वारा 17 हजार स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

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