वॉशिंग मशीन का उपयोग

using-washing-machineकिसी भी मशीन को दीर्घकाल तक चलाने के लिए उसकी देखभाल अत्यंत आवश्यक होती है। अगर मशीन की देखभाल अच्छे तरीके से की जाए तो वह दुगुनी चलती है। प्रस्तुत है, कपड़े धोने वाली मशीन से संबंधित कुछ सावधानियां-

ङ मशीन को ऊंची-नीची जगह पर रखकर न चलाएं। इस तरह चलने पर मशीन हिलने-डुलने लगती है, जिससे मशीन पर ज्यादा जोर पड़ता है। इसलिए मशीन को सदा समतल जगह पर रखकर ही चलाएं।

  • मशीन को ऊपर तक पानी से न भरें। अगर पानी ज्यादा होगा तो मशीन के चलते समय छलकेगा और बाहर गिरेगा। अगर पानी मोटर पर पड़ गया तो मोटर खराब हो सकती है। इसलिए पानी सदा मशीन में दिखाए गए निशान तक ही डालें।
  • घटिया डिटर्जेंट पाउडर का प्रयोग न करें, क्योंकि सस्ता पाउडर मशीन के अंदर चिपकता रहता है और धीरे-धीरे मशीन खराब हो जाती है। इसलिए डिटर्जेंट पाउडर सदा किसी अच्छी क्वालिटी का ही प्रयोग करें।
  • अगर कपड़े धोने वाली मशीन प्लास्टिक की है तो उसे ऐसे स्थान पर न रखें, जहां मशीन को आंच लगती हो।
  • अगर बिजली की सप्लाई कम हो तो भूलकर भी मशीन न चलाएं। क्योंकि कम वोल्टेज के कारण मोटर के खराब होने का खतरा रहता है।
  • मशीन में बहुत ज्यादा कपड़े न डालें, क्योंकि मशीन में इतनी जगह अवश्य होनी चाहिए कि कपड़े आसानी से घूम सकें और अच्छी तरह साफ हो सकें।
  • जिन कपड़ों का रंग निकलता है, उन्हें दूसरे कपड़ों के साथ न धोएं। ऐसा करने से उन कपड़ों का निकला हुआ रंग दूसरे कपड़ों पर चढ़ सकता है।
  • कुछ कपड़े, जैसे चादरें, तौलिए, कंबल वगैरह भीगने के बाद बेहद भारी हो जाते हैं। इसलिए इस तरह के कपड़ों को धोते समय मशीन में कम कपड़े डालें, ताकि अगर वे भीगने के बाद भारी हो जाएं तो भी मशीन में आसानी से घूम सकें और अच्छी तरह से साफ हो सकें।
  • अगर गलती से मशीन में कोई फालतू कपड़ा गया हो तो उसे निकालने के लिए पहले मशीन को बंद कर दें। चलती मशीन से कपड़ा निकालने से उसके फटने का डर रहता है और करंट लग सकता है।

– दविन्दर कौर

One Response to "वॉशिंग मशीन का उपयोग"

  1. sanjeev kumar s mailare bidar   September 17, 2015 at 5:38 pm

    mahila kam kam kar

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