शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है शुबह का नाश्ता

morning-breakfastआम आदमी की व्यस्तताएं, भागदौड़ और थकान होने की वजह से सुबह के नाश्ते के लिए समय कहां रहता है? पर सुबह का नाश्ता शरीर को सबसे अधिक ऊर्जा प्रदान करता है।

भोजन का संबंध शरीर से उतना ही गहरा है, जितना कि कार्य का ऊर्जा से। ठीक ढंग से किया गया पौष्टिक, सुबह का नाश्ता शरीर को सही ऊर्जा प्रदान करता है। पौष्टिक नाश्ते का अर्थ गरिष्ठ भोजन नहीं होता है।

सुबह उठते ही हमारे दिमाग में दिनचर्या को लेकर ढेर सारी उथल-पुथल शुरु हो जाती है। क्या कपड़े पहनने हैं, आज जरूरी मीटिंग तो नहीं है, रिपोर्ट तैयार की या नहीं, अनेक ढेर सारी समस्याएं। इन्हीं सब ढेरों समस्याओं के कारण सुबह का नाश्ता करना हम भूल जाते हैं और नाश्ता प्रायः प्राथमिकता में नहीं आता है, लेकिन जैसे-जैसे दिन बढ़ने लगता है शरीर को ऊर्जा की मांग होने लगती है तब हम कुछ ऐसा ढूंढ़ते हैं, जिससे शरीर को तुरंत ऊर्जा मिल सके और जो आसानी से भी मिल जाए जैसे कॉफी पी लेना, चाय पी लेना, चॉकलेट खा लेना या फिर जंक फूड। ऐसे खाने से हमें तुरंत ऊर्जा मिल तो जाती है, पर यह जल्दी ही खत्म भी हो जाती है और हमें फिर से कुछ खाने की जरूरत महसूस होने लगती है। बार-बार खाना खाने की ऐसी जरूरत से हमें प्रायः झुंझलाहट-सी हो जाती है। आखिर शरीर को भी तो कार्य करने के लिए ईंधन की आवश्यकता होती है। यदि घर से संतुलित नाश्ता करके निकला जाए तो वह शरीर को स्फूर्त रखेगा और मन को भी दिनभर स्फूर्ति का आभास रहेगा।

हम रात को भोजन करके सो जाते हैं। सोते समय भी हमारा शरीर और मस्तिष्क कार्यरत रहता है यानी सोते समय भी कुछ मात्रा में ऊर्जा खर्च होती है। शरीर में भोजन पचाने में, श्र्वांस लेने आदि कार्यों में ढेर सारी ऊर्जा लग जाती है, परंतु यदि सुबह केवल एक कप चाय या कॉफी से हम उस खपत हुई ऊर्जा की पूर्ति करते हैं तो इसका मतलब शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। रात के भोजन के बाद सुबह तक हमारा एक तरह से व्रत हो जाता है और उसी व्रत को तोड़ने को नाश्ता कहा जाता है। यह सब जानते हुए भी हम नाश्ते को महत्व नहीं देते, क्योंकि हम हमेशा जल्दी में रहते हैं। तो आइये हम जानते हैं कि सुबह का सही नाश्ता क्या होता है-

सबसे पहले तो यह कि सुबह के नाश्ते के लिए 20 मिनट का समय अलग रखें। इसके लिए ठीक से योजना बनाएं तो सुबह कुछ पहले उठकर नाश्ते के लिए समय निकाला जा सकता है। सुबह का नाश्ता शरीर को दिनभर ऊर्जा देते रहने में महत्वपूर्ण योगदान देता है इसलिए नाश्ते में शरीर को ऊर्जा देने वाली सभी चीजें सही मात्रा में मौजूद होनी चाहिए जैसे फाइबर युक्त ब्रेड या आटा ब्रेड, दलिया जहां तक संभव हो शर्करा रहित कार्बोहाइडेट, प्रोटीन, दूध और कुछ मात्रा में वसा ले सकते हैं।

अंडे, दाल, दूध या सोयाबीन से प्रोटीन प्राप्त हो सकता है। अंडे से प्रोटीन व वसा दोनों ही आवश्यक मात्रा में मिल जाते हैं, साथ ही साथ अंडे से विटामिन बी-2 और विटामिन-ए तथा आयरन भी प्राप्त होता है। अगर आप अंडा खाते हैं तो प्रतिदिन एक अंडा खाना चाहिए।

शर्करायुक्त पदार्थ या मैदे से बने खाद्य-पदार्थ लेने से रक्त में शर्करा का स्तर ऊपर की ओर बढ़ जाता है, क्योंकि शरीर शर्करा को आसानी से और शीघ्र ही अवशोषित कर लेता है। नतीजतन, शरीर को जल्दी ही भोजन की आवश्यकता हो जाती है। सुबह के नाश्ते में फल भी खाना चाहिए। फलों के जूस की बजाय पूरा फल खाना अच्छा रहता है, क्योंकि फलों में मौजूद रेशे शरीर में ग्लूकोज का स्तर देर तक बनाए रखने में मदद करते हैं।

नाश्ते में कुछ भीगे हुए बादाम व सूखे मेवे खाना भी सेहत के लिए लाभदायक होता है। जो लोग सुबह के नाश्ते में दलिया आदि लेते हैं, उन्हें वजन बढ़ने जैसी परेशानियां भी नहीं होती हैं।

यदि सुबह का नाश्ता शरीर के लिए अनुकूल नहीं लगता तो इस स्थिति में नाश्ते को दो छोटे भागों में परिवर्तित कर सकते हैं। पर कभी भी नाश्ता करना मत छोड़िए। सुबह का पौष्टिक नाश्ता ही आपके शरीर को सही मायने में दिन भर खुराक एवं ऊर्जा प्रदान करता है।

भूखे पेट तो भगवान का भजन भी नहीं हो सकता, फिर दिन भर का काम कैसे हो सकेगा। इसके लिए हमेशा सुबह का नाश्ता जरूर करें, नाश्ते के लिए थोड़ा समय निकालें, भरपूर खाएं और दिनभर तरोता़जा महसूस करें।

 

– रीमा राय

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