सुबह होते ही मुर्गा बॉंग क्यों लगाता है?

मुर्गे की आँख का कॉर्निया अन्य पक्षियों की अपेक्षा काफी कमजोर होता है। वह दिन के उजाले में ही सिाय रूप से कार्य करता है।

जैसे ही अंधेरा होने लगता है, कॉर्निया अपना कार्य करना बंद कर देता है और मुर्गे को दिखाई देना बिल्कुल बंद हो जाता है। इस कारण वह निषिय होकर रह जाता है।

जब भोर (सुबह) का उजाला होता है तो उसकी आँखों का कॉर्निया उसके अंदर जैसे एक नई जान डाल देता है, जिससे मुर्गे को फिर से दिखाई देने लगता है और वह खुशी के मारे बॉंग देना शुरू कर देता है।

हालॉंकि दिन में भी वह किसी भी समय बॉंग देकर अपनी खुशी का इजहार कर लेता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.