हैदराबाद में बसेरे की नयी मंजिल

हैदराबाद में प्रॉपर्टी के दाम आसमान छू रहे हैं और इसका नतीजा यह हुआ है कि पिछले एक दशक में शहर के प्रॉपर्टी मालिक ऩिजाम बनते जा रहे हैं। हैदराबाद अब निवेशकों की भी पसंद बन रहा है, क्योंकि यहॉं उन्हें बेहतर इंाास्टक्चर तो उपलब्ध है ही, साथ ही विशेष आर्थिक क्षेत्र (से़ज), औद्योगिक पार्क, आईटी कैम्पस तथा नया अंतर्राष्टीय हवाईअड्डा जैसे कुछ नये आकर्षण भी लुभाने लगे हैं।

हैदराबाद के “रियल एस्टेट मार्केट’ में पिछले दस सालों में जबर्दस्त तेजी देखी गई है और खासतौर से पिछले दो सालों में तो अभूतपूर्व तेजी दिखायी दी। यहॉं रिहाइशी संपत्ति की कीमतों में 75-130 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। वर्ष 2009-10 तक शहर में करीब 56.31 मिलियन वर्ग फुट रिहाइशी क्षेत्रफल और जुड़ने की संभावना है।

सरकार द्वारा प्रस्तावित ढॉंचागत परियोजनाओं जैसे बाहरी रिंग रोड (ओआरआर) तथा से़ज जैसी योजनाओं ने रियल एस्टेट को प्रभावित किया है। परिणाम यह हुआ है कि शमशाबाद, महेश्र्वरम और विजयवाड़ा राजमार्ग के आसपास बसे इलाकों में जमीन की मांग तेज हुई है। शहर के कुछ इलाकों में तो विकास की जबर्दस्त आँधी महसूस की जा सकती है। तेज रफ्तार विकास के लिहाज से कोम्पल्ली सबसे बेहतरीन उदाहरण हो सकता है। कभी छितरायी आबादी और उपनगरीय इलाके में उपेक्षित पड़े गॉंव की हैसियत रखने वाला कोम्पल्ली आज परिवहन के साधनों से जुड़ गया है और बाहरी रिंग रोड के बनने के बाद तो यह पूरी तरह कनेक्टेड हो जाएगा। शहर में आए दिन लगने वाले टैफिक जाम की तुलना में कोम्पल्ली 100 फुटा चौड़े नेशनल हाई-वे और जीडीमेटला तथा बोइनपल्ली से जुड़ी चौड़ी सड़कों के चलते इस समस्या से भी बचा हुआ है, यानी शहर के दूसरे भागों की तुलना में यहॉं आवाजाही अपेक्षाकृत आसान होगी।

कोम्पल्ली में वे तमाम बुनियादी सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं, जो किसी रिहाइशी इलाके के लिए आवश्यक होती हैं। यहॉं कॉर्पोरेट अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों और सुपर मार्केट से लेकर पास ही पेटबशीराबाद पुलिस थाना भी है, जो सुरक्षा का अहसास बढ़ाता है। साथ ही इस क्षेत्र में टैफिक का शोरगुल और झंझट भी कम है, यानी दिमागी सुकून का पूरा इंतजाम है। यहॉं खाने-पीने के लिए फैमिली ढाबे और मनोरंजन के लिए थीम पार्क जैसे रन-वे 9, मल्टीप्लेक्स-सिनेप्लेनेट की सुविधाएँ भी हैं और इलाके में चौबीसों घंटे सिायता दिखायी देती है, जो इस बात का संकेत है कि यह इलाका भविष्य में कितना महत्वपूर्ण बन जाएगा।

कोम्पल्ली ने काफी कम समय में ही खुद को निवेशकों तथा अन्य खरीदारों के लिए पसंदीदा मंजिल के तौर पर पहचान दिलायी है। यही वजह है कि डेवलपर्स भी यहॉं दिलचस्पी ले रहे हैं। और शहर के कुछ बेहतरीन प्रॉजेक्ट अब इस ओर आ रहे हैं। रियल एस्टेट बाजार में आयी तेजी ने रियल एस्टेट डेवलपर्स को ग्राहकों की जरूरतों के मुताबिक अलग-अलग योजनाएँ पेश करने के लिए प्रेरित किया है। पास-पड़ोस में सत्यम कंप्यूटर्स, एप्रैल एक्सपोर्ट पार्क, आंध्र-बैंक और ढोला-री-ढानी की मौजूदगी भी यहॉं रिहाइशी कॉलोनियों के विकास के लिहाज से एकदम उपयुक्त है। यहॉं चौड़ी सड़कों के जाल के अलावा शहर के दूसरे इलाकों के मुकाबले साफ-स्वच्छ वातावरण और शहर से वाजिब दूरी के चलते कॉर्पोरेट क्षेत्र भी आकर्षित हो रहा है।

कुछ ही सालों में इलाके की तस्वीर बदल चुकी है और आज यहॉं जोर-शोर से निर्माण शुरू हो चुका है। सन् 2009 तक यहॉं करीब 2.3 मिलियन वर्ग फुट क्षेत्रफल में कमर्शियल डेवलपमेंट पूरा हो जाएगा, जो करीब 20,000 नयी नौकरियों के अवसर जुटाएगा। कोम्पल्ली यकीनन, वो मंजिल है, जहॉं जमीन जल्द ही आसमान छूने लगेगी।

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