माँ तो माँ है – मीका सिंह

दुनियां में माँ मेरे लिए सबसे प्यारी थी, जान से भी ज्यादा, लेकिन 1997 में मॉं ने दुनियां छोड़ दी। मैं एक दम अकेला- सा हो गया। पिताजी ने मुझे मां की कमी का एहसास नहीं होने दिया। लेकिन मॉं तो मॉं है, कैसे भूल सकता हूँ? हालांकि आज मैं संगीत को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना चुका हूँ, लेकिन आज भी जब कभी मॉं की याद आती है तो आँखों से आंसू छलक पड़ते हैं। यह कहना है पंजाबी गायक मीका सिंह का।

आपने बहुत कम उम्र में संगीत को पेशे के रूप में चुना?

जी हॉं, मैंने 14 साल की उम्र में पहला प्रोग्राम दिया था। उसके बाद संगीत का कारवां ऐसा चला कि आज मेरे लाखों प्रशंसक हैं। हर महीने मैं आठ-दस बड़े स्टेज प्रोग्राम देता हूँ। जिस शहर में प्रोग्राम देने जाता हूँ प्रशंसकों से बहुत प्यार मिलता है। अगस्त माह में मैं यू के और वेस्ट इण्डीज में प्रोग्राम देने जा रहा हूँ। इसके अलावा फिल्मों में भी संगीत दे रहा हूँ।

संगीत को ही क्यों चुना?

मेरा परिवार शुरू से ही संगीत से जुड़ा हुआ है। मेरे बड़े भाई दलेर मेहंदी संगीत की दुनिया में नाम रखते हैं। पिता अजमेर सिंह चंदन मेरे गुरु हैं, जिन्होंने मुझे संगीत की प्रारंभिक शिक्षा दी। पिता हर दम मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं और हौंसला बढ़ाते रहते हैं। जब भी मैं प्रोग्राम देने जाता हूँ मेरा एक भाई मेरे साथ ़जरूर रहता है और मेरा हौसला बढ़ाता रहता है। मेरे छह भाई हैं और सभी पूरा सहयोग करते हैं।

शादी कब कर रहे हैं?

जहॉं भी जाता हूँ सभी यही प्रश्र्न्न करते हैं। अब जल्दी ही मैं शादी कर सकता हूँ। मैंने दिल्ली में पचास एक़ड जमीन खरीदी है। उसमें एक छोटा- सा घर बनाना चाहता हूँ। वहीं पर एक गुरुद्वारा भी बना रहा हूँ। घर बनते ही शादी कर लूंगा।

आपकी दिनचर्या?

रोज दोपहर एक बजे उठता हूँ। तीन बजे तक तैयार होकर गाने की तैयारियों में जुट जाता हूँ। शाम को प्रोग्राम होता है तो प्रोग्राम की तैयारी में जुट जाता हूँ। प्रोग्राम नहीं होता है तो जिम में चला जाता हूँ। इसके अलावा दोस्तों से मिलने चला जाता हूँ। रात को गाने की तैयारियों में जुटा रहता हूँ। पियानो बजाने का शौक है इसलिए बजाता रहता हूँ। सुबह चार-पॉंच बजे ही सो पाता हूँ।

प्रशंसकों के लिए क्या कहना चाहते हैं?

मैं पहले ही कह चुका हूँ मेरे प्रशंसक मुझसे बहुत प्यार करते हैं। मैं बस उन्हें कहना चाहूँगा कि वे अपने माता-पिता और गुरु का सम्मान करें और उनकी आज्ञा का पालन करें जिससे वे उन्नति के पथ पर अग्रसर हो सकें।

– मीका

 

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