साल बड़ा या दिन

साल बड़ा या दिन

बाबा, मैं अपनी क्लास में फर्स्ट आयी हूं। शाबाश। मुझे ईनाम में यह कप मिला है। वेरी गुड। कीप इट अप। मेरी इस कामयाबी पर आप क्या देंगे? आशीर्वाद, दुआएं, ढेर-सा प्यार और… और? यह चॉकलेट का डिब्बा। थैंक यू। लेकिन मैं एक और डिब्बा भी ईनाम में दे सकता हूं बशर्ते मेरी एक समस्या […]

तीन राजकुमारों की परीक्षा

तीन राजकुमारों की परीक्षा

बहुत पुराने दिनों की बात है। एक सम्राट अपने जीवन के अन्तिम दिनों की गिनती गिन रहा था और बहुत चिंतित था। मृत्यु से नहीं, वरन् अपने तीन लड़कों से, जिनके हाथ में उसे राज्य की बागडोर सौंपनी थी। वह यह निर्णय करने में असमर्थ था कि किसके हाथ में राज्य की शक्ति दे। क्योंकि […]

आम खट्टे हैं

आम खट्टे हैं

एक बार एक लोमड़ी वन से निकली। बहुत दूर चलने के बाद भीनी-भीनी महक उसकी सांस में समा गई। वह महक वाले स्थान पर पहुँची तो देखा कि एक बगीचे में आम के बहुत से पेड़ हैं और उन पर ढेरों आम लटक रहे हैं। बस फिर क्या था, वह आम खाने को लालायित हो […]

आलोचनाओं को कैसे लें

आलोचनाओं को कैसे लें

आलोचना से आज तक कोई नहीं बचा है, चाहे वह खामोशी से की जाए या चिल्लाकर। आप चाहे जितनी तोप चीज क्यों न हों, आलोचना हर किसी के साथ चस्पां हो जाती है। अब यह आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप उसे कितना ग्रेसफुली हैंडल करके अपने को शांत बनाए रखते हैं। भूल स्वीकारें […]

न्यूक्लियर मेडिसिन – सही जांच और सटीक कॅरिअर के लिए

न्यूक्लियर मेडिसिन – सही जांच और सटीक कॅरिअर के लिए

बहुत जल्द ही पारंपरिक जांच-परख के तौर-तरीके बदलने वाले हैं, खासतौर पर गंभीर बीमारियों के संबंध में। दरअसल, मौजूदा चिकित्सा पद्धति चाहे वह जिस तौर-तरीके पर आधारित हो, आमतौर पर बीमारियों का अनुमान ही लगाती है और फिर उस अनुमान के आधार पर इलाज होता है। जब अनुमान सही साबित हो जाता है तो चिकित्सा […]

विदेशी भाषा में हैं कॅरिअर की शानदार संभावनाएँ

अगर आपको भाषाओं से प्रेम है, तो आप उनके ज़रिए कॅरिअर भी बना सकते हैं। नई भाषा सीखना अब सिर्फ हॉबी मात्र नहीं रह गया है बल्कि इससे जीविका भी चलायी जा सकती है। इसलिए अगर आप की नई-नई भाषाओं में दिलचस्पी है और आप इन्हें सीख भी सकते हैं तो इनसे अच्छा कॅरिअर विकसित कीजिए।

विदेशी भाषा में हैं कॅरिअर की शानदार संभावनाएँ

हाल ही के दिनों तक नई भाषा में कॅरिअर का अर्थ सिर्फ अध्यापन तक सीमित था। लेकिन अब तस्वीर बदल गयी है। ग्लोबलाइजेशन ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भारत में ही नहीं, अनेक देशों में फैला दिया है। भारतीय कंपनियां भी विदेशों में संयुक्त वेंचर स्थापित कर रही हैं। इसलिए जो विदेशी भाषाओं में माहिर हैं, […]

अक्वाकल्चर – समुद्र में नौकरियों का खज़ाना

खेती लायक भूमि में लगातार हो रही कमी, बढ़ती आबादी और गहराता खाद्य संकट, इन सब बातों को देखते हुए आने वाले दिनों में सी-फूड्स पर पूरी दुनिया की खाद्य निर्भरता काफी ज्यादा होगी। यही कारण है कि अक्वाकल्चर पर अब गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा है। भारत की समुद्री सीमा 7500 किलोमीटर लंबी है यानी भारत में इतना विशाल समुद्रतट है। इसलिए भी अक्वाकल्चर का हमारे देश में भविष्य बहुत अच्छा है।

अक्वाकल्चर – समुद्र में नौकरियों का खज़ाना

अक्वाकल्चर में अक्वा शब्द अरबी भाषा से लिया गया है जिसका मतलब है पानी। अक्वाकल्चर में दरअसल तमाम पानी के विशेष रूप से समुद्री जीवों जैसे- मछली, समुद्री केकड़ा, समुद्री सांप, सामान्य केकड़े और इसी तरह के दूसरे पानी के जीव-जंतुओं का अध्ययन किया जाता है। यह अध्ययन इन पानी के जीवों की देखरेख और […]

रीयल एस्टेट म्युच्युअल फंड कम रिस्क में ज्यादा कमाई

रीयल एस्टेट म्युच्युअल्स फंड(रैम्फ) की बदौलत यह संभव हो सका है कि जबरदस्त मुनाफा कमाने के लिए अब हर कोई रीयल एस्टेट बूम का प्रयोग कर सकता है। रीयल एस्टेट पर जो मोटा मुनाफा मिलता है, उसका लाभ उठाने के लिए आपको वास्तव में प्रॉपर्टी खरीदने की आवश्यकता नहीं है। आप रीयल एस्टेट म्युच्युअल फंडस् का रास्ता अपना सकते हैं।

रीयल एस्टेट म्युच्युअल फंड कम रिस्क में ज्यादा कमाई

रैम्फ का सबसे बड़ा फायदा यह है कि फुटकर निवेशक रीयल एस्टेट के क्षेत्र में हिस्सा ले सकते हैं। वेन्चर कैपिटल फंडस् के संदर्भ में न्यूनतम निवेश लगभग एक करोड़ रुपये का होता है। लेकिन रैम्फ में अनुमानित न्यूनतम निवेश तकरीबन 10,000 रुपये का है। इस तरह अपनी पोर्टफोलियो को विभिन्न आयाम प्रदान करने के […]

सौन्दर्यकारी नुस्खे

सौन्दर्यकारी नुस्खे

मसूर की धुली हुई दाल में शुद्ध घी, कच्चा दूध और चुटकी भर हल्दी मिक्स करके पेस्ट बना लें और चेहरे पर पैक की भांति लगभग बीस मिनट तक लगाएं, इसका नियमित प्रयोग त्वचा की रंगत निखारता है। नीम की छाल को पानी में घिसकर चेहरे पर इसका लेप करें। इसके नियमित प्रयोग से कील-मुंहासों […]

बच्चे झूठ बोलते हैं कहीं इसमें आपका योगदान भी तो नहीं

बच्चे झूठ बोलते हैं कहीं इसमें आपका योगदान भी तो नहीं

जॉनी, जॉनी यस पापा ईटिंग शुगर नो पापा टेलिंग लाइस नो पापा ओपन योर माऊथ हा-हा-हा। यह नर्सरी राइम है, जो शायद हर स्कूल में बच्चों को सिखायी जाती है। यह आसान राइम है, बच्चे जल्दी सीख जाते हैं। यही वजह है कि इसे सीखने पर जोर दिया जाता है। लेकिन मनोविज्ञान की दृष्टि से […]