आखिर क्यों बनते हैं विवाहेतर सेक्स संबंध

आखिर क्यों बनते हैं विवाहेतर सेक्स संबंध

विवाह एक ऐसा प्यारा-सा बंधन है जिसे सामाजिक नियमों और मान्यताओं के अनुरूप जोड़ा जाता है। इसके अनुसार पति-पत्नी अपने-अपने कर्त्तव्यों का पालन करते हुए तथा परस्पर प्रेम का आदान-प्रदान करते हुए दाम्पत्य जीकन का निर्काह करते हैं। स्पष्ट है कि ऐसे में समाज के अनुसार अमुक पुरुष और अमुक स्त्री परस्पर यौन-संबंध स्थापित करने […]

सनक की इंतहा है ऑब्सेसिव कम्पलसिव डिसऑर्डर

सनक की इंतहा है ऑब्सेसिव कम्पलसिव डिसऑर्डर

अपने इर्द-गिर्द देखिये, ऐसे कई लोग मिलेंगे जो हर घंटे पर हाथ धोते हैं। तालों को दस बार चैक करते हैं। पैन सीधी कतार में रखते हैं और जान जाते हैं कि कब उनसे छेड़ा-छाड़ी की गयी है। यह सब क्या है? इस सनक को ओसीडी या ओब्सेसिव कम्पलसिव डिसऑर्डर्स कहते हैं। ओसीडी बहुत आम […]

इंटरनेट शादियॉं तोड़ रही हैं मन और मानसिकता की हदें

इंटरनेट शादियॉं तोड़ रही हैं मन और मानसिकता की हदें

सदियों से भारतीयों का सबसे बड़ा पुरुषार्थ या दायित्व अपने बच्चों की शादियां करना रहा है। लोग अपने कॅरियर को लेकर कभी उतना परेशान नहीं होते, जितना अपने बच्चों की शादियों को लेकर चिंतित रहते हैं। शायद इसीलिए हिन्दुस्तानियों के बारे में कहा जाता रहा है कि वह अपने बच्चों की शादियों के लिए ही […]

छू कर मेरे तन को किया तुमने क्या इशारा…

छू कर मेरे तन को किया तुमने क्या इशारा…

कैसेनोवा के बारे में कहा जाता है कि उसने इटली के राजमहलों में हड़कंप मचा दिया था। उसके बारे में यह लोकप्रिय है कि यदि वह किसी महिला के साथ एक घंटा भी बिता लेता था तो वह उसकी दीवानी हो जाती थी। क्या सचमुच कोई ऐसा हो सकता है? सेक्स विशेषज्ञों के मुताबिक, विवाहित […]

मेरा स्कूल

मेरा स्कूल

हमारे समय में बड़ी कक्षाओं में तथा बोर्ड परीक्षा की कक्षाओं में बच्चों को एक विषय दिया जाता था- “मेरी पाठशाला’ या “मेरा स्कूल’ पर निबंध लिखो। अब तो निबंधात्मक प्रश्र्न्न बंद ही कर दिए गए हैं। अतः स्कूल के बारे में चिंतन भी बंद हो गया है। उन दिनों हम स्कूल पर जो कविता […]

ओटावा – रानी विक्टोरिया का प्रिय शहर

ओटावा – रानी विक्टोरिया का प्रिय शहर

दुनिया के दूसरे सबसे बड़े देश कनाडा की राजधानी बनने के लिए सन् 1857 में इसके कई शहरों के बीच दावेदारी थी; मांटियल, किंग्सटन, टोरंटो और क्यूबेक। लेकिन सेहरा बंधा ओटावा के सिर तो इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि ओटावा ब्रितानी महारानी विक्टोरिया की पसंद था। कनाडा की राजधानी ओटावा, दक्षिण-पूर्व ओंटारियो प्रांत […]

जीवन में छोटी-छोटी बातों का महत्व

जीवन में छोटी-छोटी बातों का महत्व

हमारा जीवन ईश्र्वर का दिया हुआ सर्वश्रेष्ठ उपहार है। इस जीवन रूपी उद्यान को सुगंध से परिपूर्ण बनाने के लिए तथा स्वयं को भी संतुष्ट रखने के लिए कुछ बातें ध्यान में रखनी अति आवश्यक हैं। यदि इन बातों को हम सदैव ध्यान में रखें तो निश्र्चित रूप से हमें सही मायनों में आत्मिक शान्ति […]

ध्यान साधना द्वारा परिवर्तन मस्तिष्क का

ध्यान साधना द्वारा परिवर्तन मस्तिष्क का

एक भाई ने कहा-ध्यान करने बैठते हैं तो विचार आने लग जाते हैं। मैंने कहा-विचार हमारे विकास के द्योतक हैं। कोई बुरी बात नहीं है विचार का आना। जिन प्राणियों में विचार करने की क्षमता नहीं होती उनमें विचार नहीं आता। कीड़े-मकोड़े विचार नहीं कर सकते। गाय, भैंस, ऊँट आदि पशु विचार नहीं कर सकते […]

शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है शुबह का नाश्ता

शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है शुबह का नाश्ता

आम आदमी की व्यस्तताएं, भागदौड़ और थकान होने की वजह से सुबह के नाश्ते के लिए समय कहां रहता है? पर सुबह का नाश्ता शरीर को सबसे अधिक ऊर्जा प्रदान करता है। भोजन का संबंध शरीर से उतना ही गहरा है, जितना कि कार्य का ऊर्जा से। ठीक ढंग से किया गया पौष्टिक, सुबह का […]

फैशन में भले न हो पर आज भी खरी है सिर की मालिश

फैशन में भले न हो पर आज भी खरी है सिर की मालिश

सिर जो तेरा चकराये या दिल डूबा जाये/आजा प्यारे, पास हमारे, काहे घबराये। यह फिल्म प्यासा का गाना है, जिसे पर्दे पर जॉनी वॉकर ने गाया था। फिल्म में उनकी भूमिका सिर की तेल मालिश करने वाले की थी। जिस दौर में यह फिल्म आयी थी, उस समय हर छोटे-बड़े शहर में प्रोफेशनल तेल मालिश […]

1 2 3 17