सनक की इंतहा है ऑब्सेसिव कम्पलसिव डिसऑर्डर

सनक की इंतहा है ऑब्सेसिव कम्पलसिव डिसऑर्डर

अपने इर्द-गिर्द देखिये, ऐसे कई लोग मिलेंगे जो हर घंटे पर हाथ धोते हैं। तालों को दस बार चैक करते हैं। पैन सीधी कतार में रखते हैं और जान जाते हैं कि कब उनसे छेड़ा-छाड़ी की गयी है। यह सब क्या है? इस सनक को ओसीडी या ओब्सेसिव कम्पलसिव डिसऑर्डर्स कहते हैं। ओसीडी बहुत आम […]

जीवन में छोटी-छोटी बातों का महत्व

जीवन में छोटी-छोटी बातों का महत्व

हमारा जीवन ईश्र्वर का दिया हुआ सर्वश्रेष्ठ उपहार है। इस जीवन रूपी उद्यान को सुगंध से परिपूर्ण बनाने के लिए तथा स्वयं को भी संतुष्ट रखने के लिए कुछ बातें ध्यान में रखनी अति आवश्यक हैं। यदि इन बातों को हम सदैव ध्यान में रखें तो निश्र्चित रूप से हमें सही मायनों में आत्मिक शान्ति […]

ध्यान साधना द्वारा परिवर्तन मस्तिष्क का

ध्यान साधना द्वारा परिवर्तन मस्तिष्क का

एक भाई ने कहा-ध्यान करने बैठते हैं तो विचार आने लग जाते हैं। मैंने कहा-विचार हमारे विकास के द्योतक हैं। कोई बुरी बात नहीं है विचार का आना। जिन प्राणियों में विचार करने की क्षमता नहीं होती उनमें विचार नहीं आता। कीड़े-मकोड़े विचार नहीं कर सकते। गाय, भैंस, ऊँट आदि पशु विचार नहीं कर सकते […]

शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है शुबह का नाश्ता

शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है शुबह का नाश्ता

आम आदमी की व्यस्तताएं, भागदौड़ और थकान होने की वजह से सुबह के नाश्ते के लिए समय कहां रहता है? पर सुबह का नाश्ता शरीर को सबसे अधिक ऊर्जा प्रदान करता है। भोजन का संबंध शरीर से उतना ही गहरा है, जितना कि कार्य का ऊर्जा से। ठीक ढंग से किया गया पौष्टिक, सुबह का […]

फैशन में भले न हो पर आज भी खरी है सिर की मालिश

फैशन में भले न हो पर आज भी खरी है सिर की मालिश

सिर जो तेरा चकराये या दिल डूबा जाये/आजा प्यारे, पास हमारे, काहे घबराये। यह फिल्म प्यासा का गाना है, जिसे पर्दे पर जॉनी वॉकर ने गाया था। फिल्म में उनकी भूमिका सिर की तेल मालिश करने वाले की थी। जिस दौर में यह फिल्म आयी थी, उस समय हर छोटे-बड़े शहर में प्रोफेशनल तेल मालिश […]

टीकाकरण ही दिमागी बुखार का एकमात्र उपाय

टीकाकरण ही दिमागी बुखार का एकमात्र उपाय

जापानी इंसेफलाइटिस (दिमागी बुखार) एक गम्भीर वाइरस जनित बीमारी है, जो मच्छरों के काटने से मनुष्यों में फैलती है। जलीय पक्षियों व चिड़ियों को काटा मच्छर यदि किसी व्यक्ति को काट ले तो वह इस बीमारी की चपेट में आ जाता है। इस बीमारी से ग्रसित लोगों में 30 प्रतिशत की मौत हो जाती है […]

सर्दी-जुकाम में करें घरेंलू उपचार

सर्दी-जुकाम में करें घरेंलू उपचार

वर्ष में दो-चार बार हमें सर्दी-जुकाम और खांसी आदि जकड़ लेती है, हम तुरंत ही दवा लेने के लिए डॉक्टर के पास दौड़े चले जाते हैं, थोड़ा सब्र-संतोष, विचार नहीं करते कि प्रकृति हमारे शरीर के अन्दर उत्पन्न विजातीय पदार्थों (दूषित पदार्थ, जो स्वेद, कफ के रूप में इकट्ठा हो गया है) को निकालने के […]

सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर यानी मानसून का मर्ज

सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर यानी मानसून का मर्ज

सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर (सैड) एक किस्म का डिप्रेशन है, जो हर साल एक ही समय व्यक्ति को अपना शिकार बनाता है। सैड होने पर व्यक्ति न सिर्फ डिप्रेशन के लक्षण प्रदर्शित करता है बल्कि उसे न समझ में आने वाली थकन भी महसूस होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब दिन की रौशनी में […]

अस्पतालों में घातक हो सकते हैं सेलफोन

अस्पतालों में घातक हो सकते हैं सेलफोन

कई देशों के अस्पतालों में सेलफोन के इस्तेमाल पर रोक लगी हुई है, मगर कई डॉक्टर सेलफोन का उपयोग ऑपरेशन थिएटर तक में करते हैं, जो बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है। सेलफोन से निकलने वाले संकेत संवेदी मेडिकल उपकरणों के लिए भी नुकसानदायक होते हैं। ताजा शोध का तकाजा है कि अस्पतालों में […]

रेस्टलेस लेग सिंडोम अर्थात् बिस्तर में बेचैनी!

रेस्टलेस लेग सिंडोम अर्थात् बिस्तर में बेचैनी!

रेस्टलैस सिंडोम (आरएलएस) से पीड़ित लोग इस डिसऑर्डर के कारण, न पसंद आने वाला सेन्सेशन अपनी टांगों में चढ़ता हुआ महसूस करते हैं। यह सेन्सेशन अक्सर बढ़ता ही जाता है, जब तक कि बर्दाश्त के बाहर न हो जाये और आखिरकार व्यक्ति को उठकर छोटी वॉक पर जाने की जरूरत पड़ती है। बेचैन करने वाला […]

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