देव उठनी ग्यारस

देव उठनी ग्यारस

देव उठनी एकादशी प्रबोधनी ग्यारस तुलसी विवाह महत्व एवम पूजा विधि कार्तिक सुदी ग्यारस को देव उठते है। आज के दिन से पंच तिर्थी का व्रत करते है, तुलसी जी की पूजा करते है, शाम को तुलसी जी का विवाह करवाते है। देव उठनी एकादशी जिसे प्रबोधनी एकादशी भी कहा जाता हैं. इसे पापमुक्त करने […]

आंवला नवमी

आंवला नवमी

कार्तिक सुदी नवमी को आंवला नवमी होती है। आंवले की पूजा करना, आंवले का दान देना आवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भोजन करना तथा आंवले की 108 परिक्रमा करनी चाहिए। आँवला नवमी की कहानी एक आँवलियो राजा थो, जिको रोजिना सोना का सवा मन आँवला दान कर क जीमतो। एक दिन ऊँका बेटा-बहु सोच्या […]

गोपाष्टमी

गोपाष्टमी

कार्तिक सुदी आठम को गोपाष्टमी होती हैं आज के दिन गायों का पूजन करते है, गुड में चावल सिजाकर मीठे चावल गायों को खिलाते है। गायों की रक्षा करने के कारण भगवान श्री कृष्ण जी का अतिप्रिय नाम ‘गोविन्द’ पड़ा। कार्तिक, शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा से सप्तमी तक गो-गोप-गोपियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को […]

भाई दूज

भाई दूज

कार्तिक सुदी दूज को भाई दूज होती है, यह भाई बहन का पवित्र त्यौहार है, आज के दिन बहन के हाथ का बना खाना खाने काबहुत ही माहत्म है कहते है आज के दिन बहन के हाथ में अमृत का बास होता है, जो भाई को दीर्घायु बनाता है। बहन भाई के तिलक लगाती है […]

गोवर्धन पूजन

गोवर्धन पूजन

कार्तिक सुदी एकम के दिन सुबह जल्दी उठकर घर में झाडू लगाकर कचरे को डगरे में डालते हैं, वो कचरा सासुजी बाहर डालकर आती हैं, बेलन से डगरा बजाती हैं, घर के आगे बन्दरवार (आसोपालव के पत्ते, फुल की) बान्धते हैं, न्हा धोकर अच्छे कपडे पहन कर मन्दिर जाकर आते हैं, गायकागोबर लेकर आते हैं,जो […]

दिपावली

दिपावली

दी – दीपों की लडियां है पा- पावन फुल झडियां है व – वन्दना लक्ष्मी की ली – लीला लीलाधर की। कार्तिक वदी अमावश्या के दिन दीपावली का त्यौहार होता है। दीपावली भारती राष्ट्र जीवन का प्रमुख त्यौहार है, यह धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व है, यह सौभाग्यप्रजा का प्रकाश पर्व है, दीप पर्व है, यह […]

रूप चौदस

रूप चौदस

कार्तिक वदी चवदस को रूप चौदस होतीहै। सुबह जल्दी उठकरपीठी बनाते हैं, आटे में घी, हलदी डालकर पानी सेगीला करके शरीर पर लगाते हैं फिर न्हाते हैं। अच्छे कपडे पहन कर मन्दिर जाते हैं। शाम को पितल की थाली में ग्यारह दिये करते हैं। बीच के दिये के नीचे चावल रखते है, एक दिया पितरजी […]

धन तेरस

धन तेरस

धन तेरस कार्तिक वदी 13 को आती है । इस दिन सुबह जल्दी उठकर माता धोकर न्हाते हैं, कोरे कपडे पहनते है, मन्दिर जाकर आते हैं, अच्छी रसोई बनाते हैं । धन तेरस कैसे मनाते है धन तेरस की शाम एक दीपक में मूंग के कुछ दाने , कुछ फूले , एक छोटी कील और […]

करवा चौथ

करवा चौथ

क – कर के सुहाग का प्रण। र – रच मेंहदी रंग नव। वा – बालाएँ व्रत रखकर। चौ – चौकी पर अर्चाधर थ – थहराती हैं सूरज यह है सौभाग्य सहज॥ ये हिन्दू संस्कृति ही है, जहाँ कि स्त्रियों का पतिव्रत धर्म पालन विश्‍व के सामने एक मिशाल है, करवा चोथ के दिन हर […]

शरद पुर्णिमा

शरद पुर्णिमा

आसोज सुदी पुर्णिमा को हम शरद पुर्णिमा मनाते हैं, रात को मतिरा व खीर चन्द्रमा जी के आगे रखते हैं रात को 12 बजे भोग लगाकर प्रसाद लेते है, चन्द्रमा जी के प्रकाश में सुई पिरोने से आँखों की ज्योति बढती हैं हम वो भी करते हैं। शरद पुर्णिमा की कहानी एक साहुकार क दो […]

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