मुझे बुरा नहीं लगता : नील नितिन मुकेश

Neil Nitin Mukeshगायक का बेटा गायक और नायक का बेटा नायक, अपने बॉलीवुड का यह पुराना चलन रहा है। मगर स्वर्गीय गायक मुकेश के पोते और गायक नितिन मुकेश के बेटे नील नितिन मुकेश ने इस चलन को नहीं स्वीकारा और अभिनेता बन बैठे।

पिछले साल फिल्म “जानी गद्दार’ से अपना सफर शुरू करने वाले नील के साथ बदकिस्मती यह रही कि यह एक शानदार फिल्म होने के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा भीड़ खींच नहीं पाई और नील की एक्ंिटग उम्दा होने के बावजूद चर्चा में नहीं आ सकी। इस फिल्म को बड़े सितारों की गैरमौजूदगी और पर्याप्त प्रचार की कमी ने नुकसान पहुँचाया, जबकि संजय लीला भंसाली की “सांवरिया’ के हो हल्ले ने नवोदित अभिनेता के सारे पुरस्कार रणवीर कपूर को दिलवा डाले, फिर भी नील निराश नहीं है अपितु एक अलग किस्म की फिल्म से अपने कॅरियर को आगे बढ़ाने की हिम्मत जुटा रहा है।

परिवार में गायिकी का माहौल होते हुए भी आपने अभिनय को अपना कॅरियर क्यों बनाया?

सच कहूं तो शुरुआत में मैं अपने कॅरियर को लेकर थोड़ा कन्फ्यूज्ड था। बचपन में मैंने “विजय’ और “जैसी करनी वैसी भरनी’ जैसी फिल्मों में काम किया था और शायद तभी से मेरे मन में यह बात थी कि मैं बड़ा होकर एक्टर बनूं पर एक वक्त ऐसा भी आया जब मैं गायक बनने की सोच रहा था। कुछ समय के लिए मैं यश चोपड़ा जी के यहॉं असिस्टेंट डायरेक्टर भी रहा, फिर मैंने फैसला लिया और इस तरफ चला आया।

पिछले साल के सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के सारे पुरस्कार रणवीर कपूर की झोली में जाने से आपको कैसा महसूस हुआ?

रणवीर मेरे लिए भाई जैसा है और मुझे जरा भी बुरा नहीं लग रहा है। बहुत जल्द मेरा भी वक्त आयेगा और लोगों को पता चलेगा कि मैं भी कोई चीज हूँ।

अटकलें हैं कि कई बड़े बैनर आपको फिल्मों के ऑफर दे रहे हैं?

हॉं, यह सच है और यह सारे ऑफर “जानी गद्दार’ के बाद ही आये हैं। यानी लोग मेरे या मेरे परिवार के नाम पर नहीं अपितु मेरे काम को देख कर मेरे पास आ रहे हैं, यही मेरी पहली सफलता है।

अब आगे क्या कर रहे हैं?

हाल ही में मैंने सुधीर मिश्रा की फिल्म “तेरा क्या होगा जॉनी’ पूरी की है, जिसमें मैं अहमदाबाद का रहने वाला एक ऐसा युवक बना हूँ जो गुजरात के दंगों में अपने मॉं-बाप खोने के बाद मुम्बई आया है। परसैटर की एक फिल्म मैंने अभी साइन की है। इसे मधुर भंडारकर डायरेक्ट करेंगे। ईरोज की फिल्म “फ्रीज’ कर रहा हूँ, जिसके निर्देशक जहांगीर सुरती हैं। इनके अलावा जल्दी ही मैं एक बड़े बैनर की एक रोमांटिक फिल्म भी करने जा रहा हूँ।

कहीं वह बड़ा बैनर यशराज फिलम्स् तो नहीं है?

समय आने दीजिए, आपको भी सब कुछ पता चल जायेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.