आ गया 3जी मोबाइल का जादू!

काफी टाल-मटोल और बार-बार तरीखें आगे बढ़ते रहने के बावजूद आखिर अंततः 3जी यानी तीसरी पीढ़ी की मोबाइल सेवा देश में शुरु हो गई है। गत वर्ष 11 दिसम्बर को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राजधानी दिल्ली में एमटीएनएल द्वारा शुरू की गई इस सेवा को प्रयोग के तौर पर दिल्ली के कुछ चुनिंदा इलाकों में शुरू किया। इसे “जादू’ का नाम दिया गया है। जल्द ही जादू की यह जादुई सर्विस देश के दूसरे शहरों और फिर अन्य इलाकों में शुरू होगी। हालांकि फिलहाल यह सर्विस मुफ्त शुरू की गई है; लेकिन इसको हासिल करने के लिए महंगे मोबाइल सेट की खास जरूरत पड़ेगी, जो इस समय 15,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये की कीमत तक में उपलब्ध है।

युवाओं में तीसरी पीढ़ी की मोबाइल सेवा जादू का सिर चढ़कर जादू देखने को मिला है। इसका अंदाजा इसी बात से लग रहा है कि इस सेवा के शुरू होने के चार दिनों में ही इसके 3,000 से ज्यादा ग्राहक हो गये हैं और इन ग्राहकों में 80 फीसदी से ज्यादा युवा हैं। युवाओं के बाद इस सेवा को पसंद करने वालों में बड़ी कम्पनियों के वरिष्ठ पदाधिकारियों का नंबर आता है। बहरहाल जादू का जादू युवाओं को आकर्षित करेगा; इसका अंदाजा इस सेवा के प्रदाताओं को पहले से ही था। क्योंकि तीसरी पीढ़ी के इस मोबाइल फोन में जिस तरह की सुविधाएं हैं, उनका सबसे ज्यादा ोज युवाओं के बीच ही होता है।

एमटीएनएल द्वारा शुरू की गई तीसरी पीढ़ी की मोबाइल सेवा के तीन प्रमुख पहलू हैं-1. हाईस्पीड इंटरनेट सर्विस

  1. फोन में लाइव टी.वी. प्रसारण देखने की सुविधा
  2. मैच का लुत्फ लेते हुए गाने सुनना और डाटा ट्रांसफर।

तीसरी पीढ़ी की यह सेवा अभी पूरी दिल्ली में भी शुरू नहीं हुई है बल्कि दिल्ली के कुछ सीमित इलाकों में ही इसे शुरू किया गया है। फिलहाल जहां तीसरी पीढ़ी की इस सेवा का लुत्फ उठाया जा रहा है; राजधानी दिल्ली के वह खास इलाके हैं- कनॉट प्लेस, संचार भवन, राजाजी मार्ग, इंडिया गेट, दिल्ली गेट और मिन्टो रोड। एमटीएनएल को जितनी उम्मीद थी, उससे कहीं ज्यादा ही इस सेवा को अभी तक सफलता हासिल हुई है। इसलिए इसमें अब कोई शक नहीं है कि अगले दो से तीन महीनों के भीतर यह सेवा न सिर्फ पूरी दिल्ली बल्कि राष्टीय राजधानी के विभिन्न दूसरे क्षेत्रों में भी उपलब्ध होगी। इसका ोज अभी से समूची दिल्ली में विशेषकर युवाओं के बीच देखा जा सकता है। दिल्ली के बाद यह सर्विस एमटीएनएल की दूसरी टेरीटरी यानी मुम्बई में शुरू होगी। जबकि देश के बाकी हिस्सों में इस सेवा को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी बीएसएनएल की है। चेन्नई में बहुत सम्भव है, यह 26 जनवरी के पहले कभी भी चालू हो जाए। गौरतलब है कि एमटीएनएल और बीएसएनएल को 3जी स्पेक्टम गत वर्ष सितम्बर में ही आवंटित कर दिया गया था और उम्मीद है कि दूसरी प्राइवेट कंपनियों को यह जनवरी 2009 में उपलब्ध कराई जाए।

मोबाइल की किसी भी अपग्रेड सेवा का नयी पीढ़ी दिल खोलकर स्वागत करती है। फिर यह तो उनकी उन तमाम पसंदीदा गतिविधियों को एक झटके में ही संभव बना देने वाली सेवा है, जिसके युवा दीवाने हैं। फिर भला यह सेवा युवाओं को क्यों पसंद नहीं आयेगी। 3जी का मतलब है, तीसरी जेनरेशन के मोबाइल फोनों में अब और हाईस्पीड इंटरनेट का वैसा ही मजा ले सकते हैं जैसा मजा अपने डेस्क टॉप या लैपटॉप में लेते हैं। कहने का मतलब यह है कि तीसरी पीढ़ी का मोबाइल फोन अपनी उपयोगिता के चलते लैपटॉप और डेस्क टॉप की जरूरत को भी एक मायने में खत्म कर सकता है। फिलहाल देश में दूसरी पीढ़ी की मोबाइल सेवा मौजूद है। जब तीसरी पीढ़ी की इससे तुलना की जाती है तो सारा परिदृश्य ही बदल जाता है। उदाहरण के तौर पर दूसरी पीढ़ी के मोबाइल फोनों के मुकाबले तीसरी पीढ़ी के मोबाइल फोनों में डाटा ट्रांसफर की रफ्तार 8 गुना ज्यादा तेज होगी। वाइस के साथ-साथ अब उतनी ही सहजता से वीडियो भी ट्रांसफर होगा, जिसका मतलब यह है कि तीसरी पीढ़ी के मोबाइल सेटों में बात करते हुए आप न सिर्फ ज्यादा स्पष्टता से फोन करने वाले की आवाज सुन सकते हैं बल्कि उसकी तस्वीर भी देख सकते हैं। बशर्ते उसके पास भी यही सुविधा मौजूद हो।

युवाओं को पसंद आने वाले दूसरे आकर्षक गैजेट की तरह तीसरी पीढ़ी के मोबाइल फोन में भी बहुत-सी ऐसी सुविधाएं हैं, जिन्हें हासिल करने का ोज ज्यादातर युवाओं में होता है। तीसरी पीढ़ी के मोबाइल फोन में आप कॉलर का फोटो तो देख ही सकते हैं, फोन पर लाइव िाकेट मैच देखते हुए एसएमएस भी लिख सकते हैं और कॉल अटेंड कर सकते हैं। इसी तरह िाकेट मैच देखते हुए एफएम पर न सिर्फ गाने सुन सकते हैं बल्कि एंकर के साथ गुफ्तगू भी कर सकते हैं। जबकि ठीक इसी दौरान आपके मोबाइल फोन से डाटा शेयर की सुविधा भी जारी रहेगी। पर सवाल है, क्या सभी लोग अपने मोबाइल फोनों पर यह सुविधा हासिल कर सकते हैं। निश्र्चित रूप से जवाब है नहीं। इस मोबाइल फोन से सिर्फ वही लोग तीसरी पीढ़ी की इन तमाम मोबाइल सुविधाओं का फायदा उठा सकते हैं, जब आपका और जिसके साथ आप बातचीत करें, उसके मोबाइल फोन में भी यह सुविधा उपलब्ध हो। तो जिनके मोबाइल फोन में फिलहाल यह सुविधा नहीं है, उन्हें बाजार से या तो अपनी फोन को अपडेट करवाना होगा या फिर ऐसा हैंडसेट खरीदना होगा, जिसमें जीपीआरएस की सुविधा उपलब्ध हो यानी जो तीसरी पीढ़ी की सुविधाओं से लैस हो। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि फोन को अपडेट कराने की बजाय नया अपडेटेड सेट ही खरीदा जाये तो बेहतर है।

सवाल है, क्या यह सारी सुविधाएं जेब पर बिना अतिरिक्त बोझ डाले हासिल होंगी? निश्र्चित रूप से जवाब है, नहीं। फिलहाल दिल्ली में उपलब्ध कराई गई यह सेवा भले ही मुफ्त हो, लेकिन आगे चलकर यानी जब इस सेवा का व्यावसायिक रूप से शुभारंभ होगा तब इसके लिए पैसे देना जरूरी होगा। भारत में ही नहीं, जिन दूसरे देशों में भी ग्राहकों को यह सुविधा मुहैया कराई गई है, वहां भी उनसे इसके लिए पैसे लिये गये हैं। फिलहाल जो अनुमान है, उसके मुताबिक जब इस सेवा की व्यावसायिक शुरूआत हो जायेगी तो एमटीएनएल इसके लिए डेटा प्लान फैसिलीटी के रूप में 600 रुपये मासिक तक ले सकता है। जिसके हाथ में हर महीने एक आकर्षक सेलरी आती हो, उसके लिए तो कोई बात नहीं है। लेकिन जिनकी नियमित और आकर्षक कमाई नहीं है, उन्हें 3जी की यह सुविधा अभी और दूर की साबित होगी।

 

– विवेक कुमार

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