रण संग्राम, भाईयाँ रे निब सुनों भजन

रण संग्राम, भाईयाँ रे निब सुनों।
गदा रे सुनी रे, पाण्डू भीम बिना रे॥
दिल दरियाव समुन्दर वाली लहराँ॥ जेजे टेर ॥
ओ संसार सूरज बिना सुनों।
रैन सुनी रे एक, चन्द्रमाँ बिना रे॥ 1 ॥
गौरी रा नैन काजल बिना सुना।
सेज सुनी रे म्हारा, सायबा बिना रे॥ 2 ॥
ओ पिहरीयो, माता रे बिना सुनों।
दिशा रे सुनी रे, एक बहन बिना रे॥ 3 ॥
ओ सासरियो, सासू रे बिना सुनो।
बिरद सुनी रे, एक साला बिना रे॥ 4 ॥
ओ देवरियो, दिपक बिना सुनो॥
कूल रे सुनो रे, एक पुत्र बिना रे॥ 5 ॥
हरि रा शरणा में, भाटी हरजी बोले।
देवरियो सुनो रे, म्हारा भजन बिना रे॥ 6 ॥

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