शराब, मादक पदार्थ और सेक्स हो सकते हैं घातक

आधुनिक परिवेश में किशोर ही नहीं बल्कि कम उम्र बच्चे भी शराब, डग्स तथा सेक्स इत्यादि से वाकिफ़ हो जाते हैं। बात केवल वाकिफ़ होने तक ही सीमित नहीं रहती बल्कि प्रायोगिक स्तर पर भी पहुँच सकती है। यह स्थिति घातक होती है। देखा जाये तो मात्र बच्चे या किशोर ही क्यों, यह बात तो व्यस्कों पर भी लागू होती है।

शराब, मादक पदार्थ और सहवास – सुनने में अत्यधिक लुभावने लगते हैं, लेकिन इनके पीछे मौजूद खतरे को व्यक्ति समझ ही नहीं पाता। विशेषकर, जब इनका परस्पर समन्वय होता है, अर्थात व्यक्ति जब शराब और मादक पदार्थों का सेवन कर यौनक्रिया में लिप्त होता है। क्योंकि ऐसी हालत में उसके साथ क्या हो रहा है या वह क्या कर रहा है, इसका उसे भान तक नहीं होता।

आधुनिकता और दिखावे के चक्कर में लोग बार या क्लब में ही नहीं बल्कि पार्टियों और दोस्तों के साथ घूमने-फिरने और मौज-मस्ती करते वक्त भी शराब और डग्स का सेवन करते हैं। कारण? नशा करने पर व्यक्ति तनावरहित और आत्मविश्वास से परिपूर्ण महसूस करता है। मुश्किल तब होती है जब वह ऐसी स्थिति में जिस किसी से भी मिलता है, भावनात्मक तौर पर जुड़ाव महसूस करता है। यहॉं तक कि सहवास के लिए भी तैयार हो सकता है। यह सब वह किसी ऐसे व्यक्ति के साथ भी कर सकता है, जिससे सामान्य हालत में शायद वह मिलना भी पसंद ना करे। इतना ही नहीं, ऐसी हालत में व्यक्ति “कंडोम’ का प्रयोग भी नहीं करता, जिससे असुरक्षित रतिक्रिया के चलते यौन रोगों या अनचाहे गर्भ की संभावना बन जाती है। ऐसी संभावनाएँ कम उम्र बच्चों और किशोरों के साथ अधिक होती हैं।

प्रश्न यह उठता है कि शराब और मादक पदार्थों के सेवन के पश्चात नशे की हालत में क्या रति क्रिया बेहतर होती है या फिर अधिक यौनसुख प्राप्त होता है। अधिकांश व्यक्ति ऐसा ही सोचते हैं। लेकिन ऐसा हमेशा होना आवश्यक नहीं है। यह सच है कि शराब और डग्स लेने के पश्चात यौन क्रिया के प्रति संकोच, झिझक और घबराहट कम हो जाती है और व्यक्ति इसके लिए सहज ही तैयार हो जाता है। पर ऐसे में प्रथम तो यह खतरा रहता है कि नशे में व्यक्ति होश खो बैठता है और उसे अच्छे-बुरे के साथ-साथ यह भी पता नहीं चलता कि वह इस समय किसके साथ है और क्या कर रहा है? इसका नाजायज फायदा असामाजिक या शरारती तत्व उठा सकते हैं। दूसरे, इससे सेक्स क्षमता में भी कमी आती है। ऐसे में, नशा करने वाले जिस उद्देश्य से सेक्स से पूर्व नशा करते हैं, हकीकत में उसके विपरीत होता है। कारण- अल्कोहल या शराब से अंगों की तंत्र कोशिकाएं सुन्न पड़ जाती हैं, जिससे कामोत्तेजना और यौन क्रिया में मुश्किल एवं परेशानी होती है। विशेषकर पुरुषों को कामोत्थान में कठिनाई होती है। मादक पदार्थों के सेवन से भी ऐसी ही स्थिति होती है। लोग कहते हैं कि डग्स लेने के पश्चात व्यक्ति लंबे समय तक रतिक्रिया में लिप्त रहता है। ऐसा शायद कामोत्तेजना ना होने के कारण होता है, इसका अतिरिक्त यौन सुख से कुछ लेना-देना नहीं होता। इतना ही नहीं, शराब व्यक्ति की केन्द्रीय तंत्र-प्रणाली (मस्तिष्क एवं मेरूदण्ड) को अस्थाई तौर पर शिथिल एवं निषिय बना देती है और मस्तिष्क से आने वाले संदेशों को भी अवरुद्घ कर देती है। इससे प्रतििायाएँ धीमी हो जाने से, व्यक्ति कुछ समय के लिए अपनी चिंता-फिा भूलकर मस्त हो जाता है। लेकिन अधिक पीकर उन्मत्त हो जाने की स्थिति भी आ सकती है। इतना ही नहीं, नशे की अवस्था में व्यक्ति की ऩजर धुंधला जाती है, जबान लड़खड़ाने लगती है और अपनी क्रियाओं के बीच वह ताल-मेल नहीं बैठा पाता। इसीलिए नशे की हालत में वाहन चलाने के लिए मना किया जाता है। दरअसल, नशे की हालत में व्यक्ति आमतौर पर सही फैसला नहीं ले पाता, जिसके लिए उसे बाद में पछताना पड़ता है। ऐसे में बात अगर सेक्स तक पहुँच जाए तो, पुरुष हो या महिला, स्थिति घातक हो सकती है। दूसरा व्यक्ति इसका फायदा उठा सकता है, क्योंकि ऐसे में ना चाहने पर भी विरोध करने की क्षमता नहीं रहती।

लोगों को विशेषकर किशोरों को लगता है कि उनकी जान-पहचान के सभी लोग शराब, मादक पदार्थों और सहवास का लुत्फ़ उठाते हैं। हकीकत में, ऐसा सिर्फ लगता है, होता नहीं है। कई लोग आधुनिकता का जामा ओढ़े हुए सिर्फ शेखी बघारते हैं कि वे इन तीनों चीजों का स्वाद चख चुके हैं, जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं होता। किशोरावस्था में बहकाने के अलावा, अपने साथियों द्वारा किया गया इसरार, बनाया गया दबाव, और उड़ाया गया मजाक भी काफी मायने रखता है। याद रहे, सबका अपना व्यक्तित्व और अपनी सोच होती है। अतः किसी भी प्रकार के भय या दबाव इत्यादि में नहीं आना चाहिये बल्कि अपनी इच्छा और समझ के अनुसार चलें। अगर आपके दोस्त आपके हितैषी हैं तो आपकी भावनाओं की कद्र करेंगे, अन्यथा वे आपके सच्चे दोस्त ही नहीं है, अतः उनकी परवाह करने की जरूरत नहीं है।

दबाव, भय और बहकावे से इतर भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। कई बार पार्टियों या किसी अन्य अवसर पर जलन, बदला लेने की भावना या फिर मजाक में ही आपके साथी आपके डिंक में मादक द्रव्य या शराब मिला सकते हैं। अतः पहले से ही सतर्क रहें और जहॉं तक हो सके, अपने हितैषियों के साथ रहें, जो वक्त पड़ने पर आपका साथ दें।

प्रस्तुति – डॉ.नरेश बंसल

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