डस गयो रे भूजंगी कालो नाग, राधेजी की ऊँगली में भजन

डस गयो रे भूजंगी कालो नाग, राधेजी की ऊँगली में॥ टेर ॥ सात सखी मिल चली बाग में, कर सौलह श्रृंगार। ऐसो डंक मारे का लीयो, पीलो तो पड गयो हाथ॥ 1 ॥ पीलो पडग्यो हाथ सखीरो, अँग रहयो मुरझाय। ऐसा डंक मारीयो काली यो, अंग रहयो मुरझाय॥ 2 ॥ एक सखी पानीडो लावे, दूजी […]

ले हाथ ढाल तलवार और मजबूती हो और मजबूतुँ भजन

ले हाथ ढाल तलवार और मजबूती हो और मजबूतुँ धर दे चामून्डा, राजपूतों में रजपूती॥ टेर ॥ मुगलों की फौज मेवाड देश में आई। गढ घेर लियो चितौड, घडा ज्यूँ छाईं॥ 1 ॥ थे समय देखकर शस्त्र उठावो वीरों सूरों के संग में, सदा रहो बलवीरो॥ 2 ॥ ये हुआ घोर संग्राम, झडी बाणों की। […]

कर दो हमारा दुःख दूर, हो बाघम्बर वाले भजन

कर दो हमारा दुःख दूर, हो बाघम्बर वाले। अजी हो बाघम्बर वाले,अजी हो पिताम्बर वाले। कर दो भक्तों का दुःख दूर हो बाघम्बर वाले॥ नन्दी पे शिवजी की निकले सवारी। हाथों में लिये त्रिशूल॥ टेर ॥ 1 ॥ कोई चढावे शिव के, जल की हो धारा। भक्त चढावे, कच्छा दूध॥ 2 ॥ हरी हरी बेलपत्री, […]

अगर हम बागबाँ होते तो गुलशन को लूटा देते भजन

अगर हम बागबाँ होते तो गुलशन को लूटा देते पकड कर दस्त बुलबुल का चमन से जा मिला॥ जो होते बाग के माली, लगाते फूल की डाली। गुँथाकर हार फूलों का जो दिलबर को पहना देते॥ जो होते बाग के भँवरे, कली भीतर छुपे रहते। मुहब्बत का मजा लेते, सुबह होते निकल जाते॥ जो दिल […]

माई री मैंने लियो है, रामैय्या ने मोल भजन

माई री मैंने लियो है, रामैय्या ने मोल॥ टेर ॥ कोई कहे सस्तो, कोई कहे मँहगो। लिनो है, तराजू में तोल॥ 1 ॥ कोई कहे घर में कोई कहे बन में। राधा संग करत है किलोल॥ 2 ॥ मीरा के प्रभु, गिरधर नागर। आवत् प्रेम की डोर॥ 3 ॥

माया का गुलाम बन्दा, तुँ काँई जानें बन्दगी रे भजन

माया का गुलाम बन्दा, तुँ काँई जानें बन्दगी रे। माया का गुलाम॥ टेर ॥ गर्भ मांहि वास कियो उन्दो लटकाय दियो। हरी को ना नाम लियो, धोवता है गन्दगी रे॥ 1 ॥ बालपनों खेल खोयो, तरुण भयो त्रिया बस होयो। नाम को ना बीज बोयो, कैसे व्यापे बन्दगी रे॥ 2 ॥ रूम झूम एठयो डोले, […]

भजो श्री व्यंकटेश बाला, भजो श्री लक्ष्मणजी बाला भजन

भजो श्री व्यंकटेश बाला, भजो श्री लक्ष्मणजी बाला अटल राज महाराज धणी का, सदा बोल बाला॥ टेर ॥ चार जना मिल मत्तो विचारियो, चालो दक्षिण चालाँ। चौथी पाती बालासाब की, माल मोकलो लावाँ॥ 1 ॥ फाटी अँगरखी फाटा वस्त्र, नहीं पावों में जोडा। हुक्म होय श्री बाला साब का, चढन मिल्या घोडा॥ 2 ॥ पहली […]

मेरो अवगुण भरयो है शरीर भजन

मेरो अवगुण भरयो है शरीर। कहो जी कैसे तारोगे॥ टेर ॥ रँका तारी बँका तारी, तारे सज्जन कसाई। सुवा पढावत गणका तारी, तारी है मीरा बाई॥ 1 ॥ भीलनी के बेर सुदामा के ताँदूल, रुच रुच भोग लगाई। दुर्योधन का मेवा त्याग्या, साग विदूर घर पाई॥ 2 ॥ धन्ना भक्त को खेत निपजायो, नेमा की […]

पलक नहीं आवडे रे दाता, तुम दर्शन बिन मोय भजन

पलक नहीं आवडे रे दाता, तुम दर्शन बिन मोय। तुम दर्शन बिन मोय साँवरा तुम दर्शन बिन मोय होए॥ टेर ॥ तुम हो मेरे प्राण प्यारे मिलना, किन विध होय॥ टेर ॥ धान ना भावे, नींद ना आवे, विरह सतावे मोय। घायल ज्यूं घूमत फिरूंरे, दरद ना जानें कोय॥ 1 ॥ दिवस घमायो खाय केरे, […]

मालिक रिझ्या हरं कोई रिझे आ दूनियाँ रिझेली मीठा बोल भजन

मालिक रिझ्या हरं कोई रिझे आ दूनियाँ रिझेली मीठा बोल भरम गाँव को जाय, दर दर डोली या सूँ। मालिक रिझ्या॥ टेर ॥ आदर आप गुणा को मोटो, तुरत पुरत लेवे लेखो। दुश्मन झुके वीर के आगे, नहीं किया तो कर देखो॥ विष अमृत बन जाय, मीठा बोल्या सुं ॥ 1 ॥ मिलत्र किया तो […]

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