घर में बनाये तो जिम अनुशासित रहें हम

gym-at-homeइस भागदौड़ भरी तेजरफ्तार जिंदगी में हर चीज जरूरी है, लेकिन किसी भी चीज के लिए वक्त नहीं है। यह एक अजीब-सी स्थिति है, लेकिन मजबूरी यह है कि यही सच्चाई है। इसलिए इससे समझौता करना पड़ता है। अब फिटनेस को ही लें, आप चाहे युवा हैं या अधेड़, युवती हैं या महिला, अगर वर्किंग हैं तो फिट रहना अब सिर्फ आपकी मर्जी नहीं है, बल्कि आपके वर्क स्टाइल और ऑफिस जोन के मैनर्स में यह शामिल हो गया है। कहने का मतलब यह है कि आपको फिट हर हाल में रहना ही पड़ेगा।

युवतियों के लिए फिट रहना जरूरी तो है, लेकिन फिट रहने के लिए न सिर्फ समय की कमी से जूझना पड़ता है, बल्कि तमाम खुलेपन के बावजूद अभी भी कई तरह की बंदिशों का सामना करना पड़ता है। मसलन- ज्यादातर जिम में महिलाओं के लिए एक्सरसाइ़ज करने का अलग समय होता है और पुरुषों के लिए अलग। कई घरों में तमाम आधुनिकता और खुलेपन के बावजूद बड़े-बूढ़े यह नहीं चाहते कि उनके घर की बहू-बेटियां सुबह-सुबह, देर शाम या किसी भी समय जिम में जाकर कसरत करें, वह भी अपने को फिट रखने के लिए। नयी-नवेली बहुओं के लिए तो और कई समस्याएं हैं। उन्हें ससुराल के लोगों को खुश रखना होता है, अगर कामकाजी हैं तो समय पर दफ्तर पहुंचना होता है। ऐसे में फिट रहने का न तो वक्त मिलता है और न ही घर से बाहर एक्सरसाइ़ज के लिए जाने की सिचुएशन ही बन पाती है। सवाल है, ऐसे में क्या किया जाए? युवतियों को खासतौर पर इस तरह की समस्याएं अक्सर आती हैं। इसलिए फिटनेस विशेषज्ञों का मानना है कि उन्हें अपनी रूटीन एक्सरसाइ़ज में किसी तरह का परिवर्तन नहीं करना चाहिए। हां, घर से बाहर जाकर एक्सरसाइज करने की बजाए घर में ही अपना पर्सनल जिम बना लेना चाहिए।

वैसे यह सिर्फ महिलाओं के लिए ही सुविधाजनक विकल्प नहीं है। वे युवा भी इस विकल्प को आजमा सकते हैं, जिनके पास एक-एक पल बहुत कीमती होता है। मगर युवतियों के लिए तो खासतौर पर यह जरूरी है। हां, हम इस संबंध में आगे बढ़ें, इससे पहले यह भी जान लें कि घर के जिम में आप एक निश्र्चित स्थिति तक ही फिटनेस का लेवल हासिल कर सकते/सकती हैं। बशर्ते, आपको गाइड करने के लिए कोई बेहतरीन टेनर न हो। घर में अपना पर्सनल जिम बनाकर एक्सरसाइ़ज करने के कई फायदे हैं। सबसे पहला तो यह कि आप अपने दूसरे कामों के साथ एक्सरसाइज को भी सुविधा के मुताबिक शेड्यूल कर सकती हैं। दूसरा फायदा यह है कि आप उन तमाम बहानों और आलसों से बच जाती हैं कि आपके पास समय नहीं है, जिम जाएंगी तो देर हो जायेगी। यही कारण है कि होम-जिम का कंसेप्ट अब धीरे-धीरे सेलिब्रेटीज से लेकर आम लोगों के बीच तक तेजी से लोकप्रिय होता जा रहा है।

लेकिन एक बात का ध्यान और रखें। हर सुविधा कीमत वसूलती है। यह कंसेप्ट तभी फायदेमंद है, जब तक कि आप अपने शेड्यूल के प्रति अनुशासित रहें यानी जहां घर का जिम यह सुविधा देता है कि आप जब चाहें एक्सरसाइज कर सकते हैं, वहीं यह इस तरह के टाल-मटोल के अवसर भी प्रदान करता है कि बाद में कर लेंगे…बाद में कर लेंगे। इससे होता यह है कि वह बाद में….बाद में होते हुए अक्सर टलता रहता है और पूरा शेड्यूल गड़बड़ा जाता है। इसलिए अगर आपका कोई पर्सनल टेनर नहीं है तो आपको यह बात गांठ बांधनी होगी कि अपने एक्सरसाइज के शेड्यूल के प्रति आपको हर हाल में अनुशासित रहना है। टाइम आगे-पीछे हो जाए, वह तो चलेगा, लेकिन एक्सरसाइ़ज ही गोल हो जाए तो यह खतरनाक है। इसलिए घर में एक्सरसाइज का प्रोग्राम बनाते समय सबसे पहले गंभीर हों, अपने शेड्यूल के प्रति। हां, एक बात का ध्यान और रखें। विशेषज्ञों के मुताबिक जब आपका शरीर नियमित रूप से एक्सरसाइज के लिए अनुकूल हो जायेगा तो फिर एक स्थिति यह आयेगी कि आपको बीच-बीच में ही सही लेकिन जिम जाना पड़ेगा ताकि आप शरीर की एक्सरसाइज संबंधी मांग को पूरा कर सकें।

फिटनेस एक्सपर्ट कहते हैं, “”घर में जिम बनाकर पूरी प्रतिबद्घता के साथ लगातार अपने जिम शेड्यूल के प्रति कमिटमेंट रखना कोई मामूली बात नहीं है, क्योंकि घर में एक्सरसाइ़ज करने का मतलब है एक ऐसा बोरिंग काम करना, जिसमें रोज-रोज किए जाने के कारण ऊब और एकरसता आ गयी हो। हां, एक बात और बिना उपयुक्त उपकरणों के आप घरेलू एक्सरसाइज में प्रोग्रेस हासिल नहीं कर सकतीं। ऊपर से अगर गाइडेंस का भी अभाव रहेगा तो यह करेले में नीम चढ़ी वाली बात होगी। इसलिए जब घर में एक्सरसाइज करें तो एक तो एक्सरसाइज को लेकर िाएटिव बनें और फिर नये से नये आधुनिक से आधुनिक उपकरणों के संपर्क में रहें।”

खैर, हम यहां कुछ ऐसे उपायों की चर्चा करने जा रहे हैं, जो आपके होम-जिम के कंसेप्ट को न सिर्फ मजबूती देंगे बल्कि ताजगी भी देंगे।

  • याद रखें, घर में मौजूद जिम उस मॉर्निंग-वॉक से कहीं बेहतर है, जिसे आप हर दिन करती तो हैं, लेकिन आपकी फिटनेस लेवल में कोई फर्क नहीं पड़ता।
  • हां, यह सोने में सुहागा होगा अगर 20 मिनट तक विभिन्न तरह की अलग-अलग एक्सरसाइज करने के अलावा 20 मिनट तेज-तेज चालफेर ही कर ली जाए।
  • इससे न सिर्फ आप अपनी कैलोरी बर्न कर सकेंगी अपितु अपनी टांगों को टोनअप कर सकेंगी और कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम भी सही रहेगा।
  • वही पुरानी हिदायतें, लेकिन कारगर कि अगर आपका दफ्तर किसी बहुमंजिला इमारत में है तो लिफ्ट की बजाए सीढ़ियां चढ़कर दफ्तर जाएं।
  • घर के काम करने की जिम्मेदारी स्वयं उठायें। इससे घरेलू काम भी फिट रहेंगे।
  • जब घर में एक्सरसाइज कर रही हों तो अपने रूटीन को लेकर ज्यादा सजग रहें।
  • अपनी एक्सरसाइज संबंधी जरूरतों को जानने के लिए किसी एक्सपर्ट का सहारा लें, न कि उन चिकनी पत्रिकाओं को सहारा बनायें, जो हर चीज पर अंतिम राय देती रहती हैं।

 

किसके लिए क्या करें?

  • कार्डियोवैस्कुलर समस्या से निजात पाने के लिए सीढ़ियों से चढ़ें-उतरें, लेकिन तभी जब घुटनों में दर्द न हो।
  • थाइ शेप में लानी हो तो किसी कुर्सी पर बैठें। पैर जमीन पर 90 डिग्री का कोण बनाते हुए रखें। अपने घुटनों और थाइ के बीच कोई तकिया या गद्दी रख दें। इसके बाद पूरी ताकत से दबायें। कई सेकेंड तक ऐसा करें, फायदा होगा।
  • फ्रिज में रखी एक लीटर वाली पानी की बोतलों को डम्बल की तरह इस्तेमाल करें, इससे आपकी बाहें सुडौल बनेंगी।
  • सावधान की मुद्रा में खड़े हो जाएं। मान लें कि आप जैकी चान हैं और फिर हवा में मुक्केबाजी करें। तेजी से मूवमेंट करें, इधर-उधर आंखें घुमाएं। यह न सिर्फ बॉडी को टोनअप करेगा, बल्कि दिमागी चातुर्य भी बढ़ायेगा।
  • अगर एक्सरसाइज को लेकर आप बेहद पॉजिटिव हैं और हर हाल में रिजल्ट पाना चाहती हैं तो पीठ पर कुछ वजन रखें और सीढ़ियां चढ़ें-उतरें। यह गतिविधि आप में ऊर्जा भरेगी और वसा भी कम करेगी।

– मधु सिंह

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